नई दिल्ली: ऐश्वर्या राय बच्चन न चाहते हुए भी एक विवाद में फंस गई है। एक ज्वूलरी ब्रांड के विज्ञापन में ऐश्वर्या को एक रानी के रूप में पेश किया गया है वही उनके पीछे दास के रूप में एक अश्वेत बच्चे को छतरी पकड़े दिखाया गया है। अख्बार में छपे इस विज्ञापन को देखते ही कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ऐश्वर्या पर निशाना साधा है।
इनमें फराह नकवी, हर्ष मंदर और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष शांता सिन्हा भी शामिल हैं। ऐश्वर्या को इस संबंध में खुला पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि ये विज्ञापन बाल मजदूरी को बढ़ावा देता है।
इस चिट्ठी में ऐश्वर्या को लिखा है, 'आपके इस विज्ञापन से जातीय, नस्लवाद और रंगभेद सोच को बढ़ावा मिलेगा। ये विज्ञापन मध्यकालीन युग के राजा-गुलाम वाली मानसिकता को दिखाता है।"
जवाब देते हुए ऐश्वर्या ने पत्र के लेखकों को इस ओर ध्यान आकष्ट करने के लिए धन्यवाद दिया लेकिन ये भी स्पष्ट किया कि अंतिम रूप में छपे विज्ञापन में फोटो के साथ बदलाव किया गया है।

मतलब ये जब विज्ञापन के लिए ऐश्वर्या का फोटोशूट किया गया था तब वो अकेली थी और ऐसा कोई बच्चा उस वक्त उनके आस-पास भी नहीं था। ऐश्वर्या इस बात से अंजान थी कि अंत में ये चित्र इस तरह का निकलेगा।
इस बात को स्पषट करने के लिए उन्होंने अपने लिखित बयान के साथ शूटिंग का एक वास्तविक चित्र भी भेजा है।