नई दिल्ली: राजस्थान की राजधानी जयपुर में जन्मा एक शख्स जो आज बॉलीवुड का बड़ा नाम है कभी क्रिकेटर बनना चाहता था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अपनी एक्टिंग की वर्सटेलिटी (versatility) का लोहा मनवाने वाला यह सितारा कभी क्रिकेट से इस कदर प्रेम करता था कि स्कूल की छुट्टी होते ही वो बैट लेकर क्रिकेट ग्राउंड में पहुंच जाता था। सलाम बॉम्बे, मकबूल, हासिल, रोग, लाइफ ऑफ पाई, लंच बॉक्स और स्लम डॉग मिलेनियर जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने बॉलीवुड में एक अलग पहचान बनाई है। अगर अब भी नहीं समझे तो चलिए आपको बता देते हैं हम बात कर रहे हैं इरफान खान की। जी हां इरफान पहले एक्टिंग में अपना करियर बनाना चाहते थे।

बॉलीवुड के मंझे हुए अभिनेता इरफान खान को बचपन में पढ़ाई से खास लगाव नहीं था। वो स्कूल की छुट्टी होते ही घर से बैठ उठाकर चौगान स्टेडियम पहुंच जाया करते थे। वो क्रिकेट अच्छा खेल लेते थे और शायद उनकी काबिलियत देखकर ही उनका चयन सीके नायडू ट्रॉफी के लिए हो गया था। बेशक क्रिकेट को हिंदुस्तान में धर्म का दर्जा दिया जाता है, लेकिन इरफान के परिवार वालों ने उन्हें क्रिकेट में करियर बनाने की अनुमति नहीं थी। परिवार के इस फैसले पर इरफान का मन काफी दुखी हो गया था और वो बुरी तरह से टूट गए। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट खेलना छोड़ दिया और वो ग्रेजुएशन करने लगे। इसके बाद उन्होंने एनएसडी के जरिए बॉलीवुड तक का सफर तय किया।