कोलकाता: अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा अपनी जीवनी में विवाहेतर संबंधों के बारे में बात करने से नहीं कतराए। कोलकाता में एपीजे कोलकाता साहित्य महोत्सव :एकेएलएफ: में हिस्सा लेने के लिए आए शत्रुघ्न सिन्हा ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, यह किताब मेरे जीवन का सारांश है कि किस तरह से मैंने पुणे में फिल्म की पढ़ाई के लिए घर छोड़ा और फिल्म नगरी में संघर्ष किया। यह किताब मेरे जीवन में आने वाली लड़कियों - घरवाली और बाहरवाली के बारे में भी मेरी दास्तान है।
किताब एनिथिंग बट खामोश : द शत्रुघ्न सिन्हा बायोग्राफी में भारती एस प्रधान ने 70 वर्षीय अभिनेता के जीवन को ईमानदार एवं साफगोई अंदाज में दिखाया है। किताब के एक अध्याय में शॉटगन अपनी साथी कलाकार रीना रॉय के साथ फिल्मी पर्दे से इतर अपने संबंधों के बारे में बात करते हैं और यह भी बताते हैं कि पूनम के साथ शादी के बाद भी आखिर कैसे यह रिश्ता कुछ समय के लिए कायम रहा। किताब में इतनी बेबाकीपन की जरूरत के बारे में पूछे जाने पर भाजपा सांसद ने कहा कि अगर वह ईमानदार नहीं होते तो यह किताब इतनी रोचक और दिलचस्प कहानी नहीं कहती।
सिन्हा ने कहा, मैंने यह किसी की भी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाए बिना किया है। किताब में कोई अश्लीलता नहीं है। मैंने अपने जीवन की बहुत सारी लड़कियों का जिक्र नहीं किया है। वे आज अपनी जगह पर हैं, उनके बच्चे हैं और उनकी पहचान बताना उचित नहीं होता। इस महीने जारी हुई किताब को लिखने में प्रधान को सात साल का वक्त लगा और इसमें उनके आलोचकों के भी बयान हैं। बहरहाल, शत्रुघ्न ने किताब के सिक्वेल से इनकार नहीं किया जिसमें 2014 के बाद उनके सामाजिक, राजनीतिक जीवन का चित्रण होगा।