बॉलीवुड की ग्लैमर और शोहरत से भरी दुनिया हर किसी को अपनी तरफ खींचती है और अगर किसी ने एक बार अगर इस इंडस्ट्री का रुख कर लिया तो उसके लिए इससे दूर रह पाना बेहद मुश्किल होता है। लेकिन, फिल्मी दुनिया में कुछ ऐसे सितारे भी हुए, जिन्होंने बाहरी चमक-दमक के बाद अपने अंदर की रोशनी की तलाश में फिल्मों को अलविदा कह दिया। कपूर खानदान के बेटे रणधीर कपूर के साथ एक ऐसी ही अभिनेत्री ने डेब्यू किया था, जिसने बाद में सब कुछ छोड़कर आध्यात्म की राह चुन ली और अपनी मर्जी से फिल्मी दुनिया छोड़ दी और तो और अपनी पहचान भी बदल ही। हम बात कर रहे हैं अभिनेत्री नीता मेहता की, जिन्होंने आत्मिक शांति की खोज में लाइमलाइट की दुनिया से दूरी बना ली।
पिता थे मशहूर बैरिस्टर और मां डॉक्टर
नीता मेहता एक बड़े और पढ़े-लिखे परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता एक मशहूर बैरिस्टर और मां डॉक्टर थीं। नीता ने पुणे स्थित भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान से पढ़ाई की और इसी बीच उनका मन अभिनय की ओर आकर्षित होने लगा। लेकिन, उनका परिवार फिल्मों में अभिनय के उनके फैसले के सख्त खिलाफ था। नीता ने भी अपने माता-पिता से बगावत करके बॉलीवुड का रुख कर लिया और 1975 में एक बड़े स्टार के साथ डेब्यू किया।
रणधीर कपूर के साथ किया डेब्यू
नीता मेहता ने कपूर खानदान के बेटे रणधीर कपूर की फिल्म से डेब्यू किया। उनकी पहली फिल्म 'पोंगा पंडित' थी, जो 1975 में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने 'हीरो', 'रिश्ता कागज का', 'राम की गंगा', 'स्वर्ग से सुंदर', 'सल्तनत', 'यादों का बाजार' और 'स्वार्थी' सहित करीब 40 फिल्मों में काम किया और पहचान हासिल की।
संजीव कुमार से जुड़ा नाम
अपने करियर में नीता मेहता ने संजीव कुमार के साथ करीब 3-4 फिल्में कीं और इसी दौरान दोनों की नजदीकियां भी बढ़ने लगीं। कहा जाता है कि दोनों ने सगाई भी कर ली थी, लेकिन एक्टिंग करियर जारी रखने के चलते दोनों में कथित मतभेद के कारण ये रिश्ता टूट गया। संजीव चाहते थे कि नीता शादी के बाद अभिनय छोड़ दें, लेकिन नीता अपने करियर को जारी रखना चाहती थीं, क्योंकि उन्होंने अपने परिवार के खिलाफ जाकर अभिनय की दुनिया चुनी थी।
आध्यात्म की ओर किया रुख
फिर कुछ सालों बाद नीता मेहता की जिंदगी में वो समय भी आया, जब उन्होंने सब कुछ छोड़कर आध्यात्म का रुख कर लिया और अपना नाम भी बदल लिया। वह नीता मेहता से स्वामी नित्यानंद गिरि बन गईं और ग्लैमर का त्याग कर दिया। अब वह अपना यूट्यूब चैनल भी चलाती हैं, जिसमें वह अक्सर भक्ति और त्याग पर अपने विचार साझा करती हैं।
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