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काजोल का हैंडसम 'मंगेतर' याद है? 27 साल में बदला पूरा हुलिया, चाहकर भी नहीं पहचान पाएंगे आप, अब चुनी योग-अध्यात्म की राह

 Written By: Jaya Dwivedie @JDwivedie
 Published : Dec 02, 2025 03:01 pm IST,  Updated : Dec 02, 2025 03:01 pm IST

'प्यार तो होना ही था' में काजोल का एक हैंडमस मंगेतर था, जिसकी वो इस कदर दीवानी थी कि वो अजय देवगन को भी नजरअंदाज करती रहीं। अब उनकी फिल्म का ये हीरो पूरी तरह बदल गया है और अलग लाइफ जीता है।

bijay anand- India TV Hindi
बिजय आनंद Image Source : BIJAY ANAND INSTAGRAM

90 के दशक के चमकते सितारों की भीड़ में एक चेहरा ऐसा था, जिसे दर्शकों ने पहली ही फिल्म से अपना फेवरिट ‘चॉकलेटी बॉय’ मान लिया था। काजोल और अजय देवगन जैसे दिग्गजों के साथ स्क्रीन शेयर करने वाला यह अभिनेता अचानक फिल्मों से गायब हो गया और लोगों की नजरों से धीरे-धीरे ओझल हो गया। दरअसल साल 1998 में आई फिल्म 'प्यार तो होना ही था' में काजोल के मंगेतर बना नजर आया एक्टर अजय पर भी भारी पड़ा था, लेकिन अब इस एक्टर की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई है। ये एक्टर कोई और नहीं बल्कि बिजय आनंद हैं, जो अब नए सफर की शुरुआत कर चुके हैं और अपनी नई पहचान के साथ सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर भी हैं।

फिल्मों की दुनिया में पहला कदम

साल 1998 में आई ‘प्यार तो होना ही था' के साथ बिजय आनंद को देशभर में पहचान मिली। फिल्म में वह काजोल के मंगेतर अजय का किरदार निभा रहे थे, और जितनी चर्चा फिल्म की लव स्टोरी ने बटोरी, उतनी ही बिजय की स्मार्ट स्क्रीन प्रेजेंस ने भी। असल में उन्होंने 1996 की फिल्म ‘यश’ से एंट्री ली थी, लेकिन 'प्यार तो होना ही था' ने उन्हें रातोंरात लोकप्रिय बना दिया। उनकी बढ़ती लोकप्रियता ऐसी थी कि एक वक्त पर उन्हें 22 फिल्मों के ऑफर एक साथ मिल गए थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, जहां दूसरे कलाकार ऐसे मौके लपक लेते, वहीं बिजय पीछे हटने लगे। उन्होंने कुछ टीवी शो किए, जिनमें 'रामायण' में लक्ष्मण का किरदार खासतौर पर याद किया गया, मगर फिल्मी दुनिया से उनका मोह लगभग खत्म हो चुका था।

फिल्मों से दूरी और जीवन में मोड़

एक इंटरव्यू में बिजय ने खुलकर बताया कि 33 की उम्र तक उनका कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ गया था और 36 तक उन्हें गठिया ने घेर लिया था। सेहत गिरने लगी तो उन्होंने खुद को संभालने के लिए योग का रास्ता चुना और यही फैसला उनके जीवन की नई दिशा बन गया। बिजय कुंडलिनी योग की ओर आकर्षित हुए और धीरे-धीरे उनका जीवनशैली पूरी तरह बदल गई। स्वास्थ्य सुधरा, मन शांत हुआ, और कुछ ही वर्षों में वे केवल योग सीखने वाले नहीं रहे, बल्कि लोगों को इसे सिखाने वाले योगी बन गए।

17 साल बाद एक और शुरुआत

करीब 17 सालों तक कैमरे से पूरी तरह दूर रहने के बाद 2016 में उन्होंने टीवी शो ‘सिया के राम’ में राजा जनक का किरदार निभाकर कमबैक किया। उनका परफेक्ट लुक और शांत स्वभाव इस भूमिका में खूब जंचा। इसके बाद उन्हें कई फिल्मों और शोज में अवसर मिले, जिसमें 'आदिपुरुष' में 'ब्रह्मा' और सनी लियोनी की बायोपिक 'किरनजीत कौर' में उनके पिता जसपाल सिंह वोरा का किरदार शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि एक समय उन्हें निगेटिव रोल दिए जा रहे थे, लेकिन उनकी आध्यात्मिक आभा और योगी पर्सनालिटी देखकर मेकर्स ने उन्हें सकारात्मक भूमिकाएं देना शुरू किया।

आज का बिजय

आज बिजय आनंद की पहचान सिर्फ एक्टर की नहीं है, वह एक स्थापित योग गुरु हैं। उनका लुक भी पूरी तरह बदल चुका है, लंबी दाढ़ी, बढ़े बाल और फिट बॉडी के साथ वो शानदार लगते हैं। निजी जीवन में वे खुशहाल हैं, उन्होंने अभिनेत्री सोनाली खरे से शादी की और दोनों एक प्यारी बेटी के माता-पिता हैं।

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