बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को फिल्म अभिनेता सलामन खान के पनवेल फार्महाउस के पड़ोसी केतन कक्कड़ को उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट हटाने पर विचार करने की सलाह दी है। अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया पर होने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह सेलिब्रिटी ही क्यों न हो, उसके खिलाफ मानहानिकारक पोस्ट न करें।
क्या है पूरा मामला?
केतन कक्कड़ ने आरोप लगाया था कि सलमान खान ने अपने फार्महाउस के निर्माण के दौरान पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन किया और उसके घर तक जाने का रास्ता बाधित किया। वहीं सलमान खान ने कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर कर आरोप लगाया कि केतन कक्कड़ द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो और पोस्ट उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले और सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ हैं। न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी भी विवाद को सोशल मीडिया पर लड़ने के बजाय उचित कानूनी मंचों का सहारा लेना चाहिए। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या न्यायालय का समय केवल यह तय करने में खर्च होना चाहिए कि कोई पोस्ट मानहानिकारक है या नहीं। हाईकोर्ट ने केतन कक्कड़ को सोशल मीडिया पोस्ट हटाने पर विचार करने का सुझाव देते हुए मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की है।
पर्सनालिटी प्रोटेक्ट करा चुके हैं सलमान खान
सलमान खान ने इससे पहले ही अपनी पर्सनालिटी प्रोटेक्शन के लिए कोर्ट की मदद ली थी। बीते साल 2025 में सलमान ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और उनके नाम और तस्वीरों को बिना उनकी अनुमति के इस्तेमाल करने को लेकर सुरक्षा की मांग की थी। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने 11 दिसंबर 2025 को कई सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज़ को निर्देश दिया था कि वे बॉलीवुड एक्टर सलमान खान की उस याचिका को, जिसमें उन्होंने अपने पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा की मांग की है, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स के तहत एक औपचारिक शिकायत मानें और तीन दिनों के भीतर कार्रवाई करें। यह आदेश जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने दिया था। इसके बाद से सलमान खान भी उन चंद फिल्मी सितारों में शामिल हो गए थे जिन्होंने अपनी पर्सनालिटी प्रोटेक्शन के लिए कोर्ट में अपील की थी।
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