1987 में जब दूरदर्शन पर रामानंद सागर की 'रामायण' शुरू हुई थी तो घर में लोग इसे देखने के लिए अपना सारा काम समय से पहले खत्म कर लेते थे। हर कोई टीवी स्क्रीन पर में नजर गढ़ाए बैठा रहता था। उस दौर में इस शो की इतनी लोकप्रियता थी कि लोग असल में इनके किरदारों को भगवान मानने लगे थे। वहीं, 1988 में बी आर चोपड़ा की 'महाभारत' को भी इसी तरह लोगों का बेशुमार प्यार मिला। इसके हर किरदार ने अपने दमदार अभिनय के जरिए अपनी अमिट छाप छोड़ी है। लेकिन, 'रामायण' और 'महाभारत' के बाद अगर किसी धार्मिक धारावाहिक को सबसे ज्यादा पसंद किया तो वह'ओम नमः शिवाय' था। इसे जाने-माने धार्मिक सीरियल के प्रोड्यूसर और निर्देशक धीरज कुमार ने बनाया था। इसकी स्टार कास्ट और कहानी लोग आज तक भूल नहीं पाए हैं।
28 साल पुराने इस शो को देख बन जाएंगे शिव भक्त
'ओम नमः शिवाय' को लोग बड़े चाव से देखते थे। भगवान राम के बाद महादेव की कहानी भी घर-घर तक पहुंची। दूरदर्शन के लिए निर्देशक धीरज कुमार के द्वारा बनाए गए इस धार्मिक सीरियल में एक्टर समर जय सिंह ने भगवान शिव का किरदार निभाया था जो आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है। दिलचस्प बात यह थी कि इसमें भगवान शिव को पंचमुखी शिव और अघोरी रूप के रूप में दिखाया गया था। बता दें कि इसके कुल 205 एपिसोड थे। टीवी सीरीज 'ओम नमः शिवाय' (1997-1999) को IMDb पर 10 में से 8.0 रेटिंग मिली है। यह सीरीज भगवान शिव के बारे में एक हिंदू पौराणिक गाथा को दिखाती है।
भगवान शिव बन मशहूर हुआ ये एक्टर
अरुण गोविल और नितेश भारद्वाज की तरह 1997 में आए धारावाहिक 'ओम नम: शिवाय' में भगवान शिव का किरदार निभा कर समर जय सिंह को जबरदस्त नेम-फेम मिला था। एक्टर समर जय का जन्म 26 सितंबर 1966 को इंदौर में हुआ था। इनके पिता पेशे से डॉक्टर और मां हाउसवाइफ थीं। लेकिन उन्होंने एक्टिंग में अपना करियर बनाने का फैसला लिया। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में समर जय सिंह ने बताया था कि उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ लॉ से ग्रेजुएशन किया और सपनों की नगरी में आते ही उन्हें एक्टर बनाने का भूत सवार हो गया। समर जय सिंह टीवी के एकमात्र ऐसे एक्टर हैं जो मशहूर तो हुए। लेकिन, उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिला।