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नेशनल हेराल्ड केस आखिर क्या है, जिसकी आंच सोनिया-राहुल गांधी पर भी, जानिए इसकी पूरी ABCD

Written By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX Published : Apr 15, 2025 09:35 pm IST, Updated : Apr 15, 2025 09:35 pm IST

नेशनल हेराल्ड केस में ED ने सोनिया, राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं पर मनी लॉन्ड्रिंग की चार्जशीट दाखिल की है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है और यह मामला आने वाले दिनों में सियासी रूप से काफी बड़ा असर डाल सकता है।

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Image Source : PTI नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

National Herald Case: प्रवर्तन निदेशालय यानी कि ED ने नेशनल हेराल्ड केस में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। स्पेशल जज विशाल गोगने ने 9 अप्रैल को दाखिल चार्जशीट की संज्ञान के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पड़ताल की और सुनवाई के लिए अगली तारीख 25 अप्रैल निर्धारित की। चार्जशीट में कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा और सुमन दुबे के नाम भी आरोपी के तौर पर शामिल हैं। चूंकि नेशनल हेराल्ड केस एक बार फिर चर्चा में आ गया है, ऐसे में आइए इसकी ABCD भी जान लेते हैं।

नेशनल हेराल्ड और AJL का इतिहास

नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी। यह अखबार स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस पार्टी का मुखपत्र बन गया। इसे एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी कि AJL प्रकाशित करती थी, जिसकी स्थापना 1937 में हुई थी। AJL के पास दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और अन्य शहरों में कई बेहद महंगी प्रॉपर्टी थीं, जो उन्हें सरकारी रियायतों पर मिली थीं। समय के साथ, वित्तीय कठिनाइयों और घाटे की वजह से 2008 में अखबार का प्रकाशन बंद हो गया। उस समय AJL पर कांग्रेस पार्टी का 90 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज था।

सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में की शिकायत

नेशनल हेराल्ड केस की शुरुआत 2012 में तब हुई जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता और वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की एक कोर्ट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज की। स्वामी ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) नाम की कंपनी के जरिए AJL की संपत्तियों को धोखे से हासिल किया। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया अवैध थी और इसका मकसद 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी पर कब्जा करना था।

सुब्रमण्यम स्वामी का मुख्य आरोप यह था कि कांग्रेस पार्टी ने AJL को 90.25 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त कर्ज दिया, जो कभी चुकाया ही नहीं गया। बाद में, इस कर्ज को यंग इंडियन को मात्र 50 लाख रुपये में ट्रांसफर कर दिया गया, जिसके बाद यंग इंडियन ने AJL की 99 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली। यंग इंडियन में सोनिया और राहुल गांधी की कुल 76 फीसदी हिस्सेदारी थी, जबकि बाकी की 24 फीसदी हिस्सेदारी कांग्रेस नेताओं मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस के पास थी।

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Image Source : PTI
YIL में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की हिस्सेदारी कुल 76 फीसदी थी।

नेशनल हेराल्ड केस का घटनाक्रम

  1. 2008: नेशनल हेराल्ड अखबार बंद हुआ। एजेएल पर कांग्रेस का 90 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था।
  2. 2010: यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना हुई। यह एक गैर-लाभकारी कंपनी थी, जिसके निदेशक मंडल में सोनिया और राहुल गांधी शामिल थे।
  3. 2011: यंग इंडियन ने एजेएल की 99 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की। स्वामी का दावा है कि यह सौदा केवल 50 लाख रुपये में हुआ, जबकि AJL की संपत्तियों का मूल्य 2000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा था।
  4. 2012: सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दर्ज की, जिसमें सोनिया, राहुल, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे और सैम पित्रोदा पर धोखाधड़ी और विश्वासघात का आरोप लगाया।
  5. 2014: दिल्ली की एक कोर्ट ने स्वामी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को समन जारी किया। उसी साल अगस्त में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की।
  6. 2015: दिसंबर में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया और राहुल गांधी को जमानत दे दी। ED ने तकनीकी कारणों से जांच बंद की, लेकिन सितंबर में इसे फिर से खोला।
  7. 2016: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को व्यक्तिगत पेशी से छूट दी, लेकिन मुकदमे को रद्द करने से इनकार कर दिया।
  8. 2017: दिल्ली हाई कोर्ट ने आयकर विभाग को इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की अनुमति दी। आयकर विभाग ने यंग इंडियन की कर-मुक्त स्थिति को रद्द कर दिया।
  9. 2018: केंद्र सरकार ने AJL को दिल्ली के हेराल्ड हाउस से बेदखल करने का आदेश दिया, क्योंकि इसका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए हो रहा था।
  10. 2019: ED ने हरियाणा के गुरुग्राम में AJL की 64.93 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया।
  11. 2020: स्वामी ने फिर से कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें AJL की संपत्तियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
  12. 2021: ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच को तेज किया और यंग इंडियन के वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू की।
  13. 2022: जून में, ED ने सोनिया और राहुल गांधी को पूछताछ के लिए समन जारी किया। राहुल से 5 दिनों तक 50 घंटे से अधिक पूछताछ हुई, जबकि सोनिया को स्वास्थ्य कारणों से सीमित समय के लिए बुलाया गया। कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया।
  14. 2023: नवंबर में, ED ने AJL और YIL की 751 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया, जिसमें दिल्ली का हेराल्ड हाउस और अन्य शहरों की संपत्तियां शामिल थीं।
  15. 11 अप्रैल 2025: ED ने दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में संपत्ति रजिस्ट्रारों को नोटिस जारी कर 661 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की।
  16. 15 अप्रैल 2025: ED ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने इसकी सुनवाई के लिए 25 अप्रैल की तारीख तय की।

आरोप और कांग्रेस पार्टी का स्टैंड

सुब्रमण्यम स्वामी और ED का दावा है कि YIL ने AJL की मूल्यवान संपत्तियों को हासिल करने के लिए कांग्रेस पार्टी के पैसे का गलत इस्तेमाल किया। यह भी आरोप है कि एक गैर-लाभकारी कंपनी होने के बावजूद YIL ने व्यावसायिक गतिविधियां कीं, जैसे कि संपत्तियों से किराया वसूलना। ED ने दावा किया कि इस प्रक्रिया में 988 करोड़ रुपये की इनकम की लॉन्ड्रिंग हुई।

कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यंग इंडियन एक गैर-लाभकारी कंपनी है और इसका मकसद नेशनल हेराल्ड को पुनर्जन्म देना था। पार्टी का कहना है कि कोई भी संपत्ति ट्रांसफर नहीं हुई और AJL अभी भी नेशनल हेराल्ड की मालिक है। कांग्रेस ने ED की कार्रवाइयों को ‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई’ करार दिया और दावा किया कि BJP सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

इसका क्या होने वाला है सियासी असर?

नेशनल हेराल्ड केस ने भारतीय राजनीति में एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा किया है। यह मामला न केवल गांधी परिवार की छवि को प्रभावित करता है, बल्कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक तनाव को भी बढ़ाता है। कानूनी रूप से यह मामला अभी भी चल रहा है और चार्जशीट दाखिल होने के बाद यह और जटिल हो सकता है। अगर कोर्ट इस मामले में दोष सिद्ध करता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है और पार्टी ने बुधवार को पूरे देश में अपने नेताओं के खिलाफ चार्जशीट होने के विरोध में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

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