मानसून में कई तरह के संक्रमण तेजी से पैर पसारने लग जाते हैं। इन दिनों गुजरात और राजस्थान में एक जानलेवा वायरस तेजी से फैल रहा है। बच्चों में फैल रहे इस संक्रमण को लेकर लोगों के मन में खौफ बैठ गया है। इस नए वायरल संक्रमण का नाम है चांदीपुरा वायरस, जो बच्चों को अपना शिकार बना रहा है। पिछले कुछ दिनों में गुजरात के अरावली और साबरकांठा जिले में इस वायरस से संक्रमित बच्चों मामले सामने आए हैं। जिसमें कई बच्चों की मौत हो चुकी है। चांदीपुरा वायरस के लक्षण फ्लू से काफी मिलते जुलते हैं जिसकी वजह से लोग इस बुखार को नजरअंदाज कर बैठते हैं। यही लापरवाही बच्चों की मौत का कारण बन रही है। आइय डॉक्टर से जानते हैं कि कितना खतरनाक है चांदीपुरा वायरस, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बच्चों को बचाया जा सकता है?
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रभात भूषण (मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली) से हमने चांदीपुरा वायरस के बारे में बात की। डॉक्टर का कहना है कि ये वायरस बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। अगर संक्रमित बच्चे को समय पर सही इलाज न मिले तो मौत भी हो सकती है। ये वायरस सीधे दिमाग पर असर डालता है।
चांदीपुरा वायरस क्या है?
What Is Chandipura Virus

चांदीपुरा बीमारी एक वायरस है जो फ्लू से लेकर दिमागी बुखार तक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण है। इसका नाम चांदीपुरा इसलिए पड़ा,क्योंकि 1965 में महाराष्ट्र के चांदीपुरा गांव में पहली बार इस वायरस के मामले सामने आए थे। ये वायरस रबडोविरिडे फैमिली का एक आरएनए वायरस है। जो कीट पतंगों, मच्छर और मक्खियों से फैलता है।
किस उम्र के बच्चों को है खतरा?
डॉक्टर प्रभात भूषण का कहना है कि चांदीपुरा वायरस ज्यादातर बच्चों को संक्रमित करता है जिसमें 9 महीने से लेकर 14 साल के बच्चे शामिल हो सकते हैं। ये वायरस जब बच्चों पर अटैक करता है तो संक्रमित बच्चे में बुखार, डायरिया, उल्टी, दिमागी बुखार जिसे इंसेफेलाइटिस कहते हैं और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इस वायरस के खिलाफ कोई वैक्सीन न होने के कारण इसे और भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है।
चांदीपुरा वायरस के लक्षण क्या हैं?
Chandipura Virus Symptoms

चांदीपुरा वायरस के सबसे सामन्य लक्षण जो होते हैं उसमें तेज बुखार आना और बुखार ऊपर की ओर तेजी से बढ़ना शामिल है। बच्चों को उल्टियां, दस्त और सिर में दर्द होता है। कई बार बच्चों में सिरदर्द के साथ होश खो बैठने जैसे लक्षण यानि बेहोशी भी छाने लगती है। ये बुखार बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इसलिए बुखार आते ही तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
कैसे फैलता है चांदीपुरा वायरस?
Chandipura Virus

चांदीपुरा वायरस बालू मक्खी, टिक जिसे चिचड़ी कहते हैं उस कीड़े से और मच्छरों से फैलता है। इसके गुजरात में कई केस पाए गए हैं। अब राजस्थान में भी चांदीपुरा वायरस के मामले सामने आ रहे हैं। इस संक्रमण में बच्चों के अंदर इंसेफेलाइटिस के लक्षण दिखाई दिए हैं। जो एक गंभीर बीमारी है।
चांदीपुरा वायरस से कैसे बचें?
चांदीपुरा वायरस से बचने के लिए हमें मच्छर, मक्खी और इंसेक्ट्स बचना सबसे जरूरी है। इसके लिए बच्चों को रात में और सुबह-शाम फुल स्लीव्स के कपड़े पहनाएं। मच्छरों को कीड़ों से बचने के लिए रात में नेट का उपयोग करें। मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। खिड़की और दरवाजों को बंद रखें। घर के अंदर मच्छर न आने दें।