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ये गलतियां बन रही फैमिली प्लानिंग में रुकावट, आज ही सुधारें ये आदतें

 Written By: Pankaj Kumar Edited By: Ritu Raj
 Published : Apr 28, 2026 08:35 am IST,  Updated : Apr 28, 2026 08:35 am IST

फैमिली प्लानिंग एक भावुक और महत्वपूर्ण सफर है, लेकिन कभी-कभी अनजाने में की गई कुछ छोटी गलतियां इसे मुश्किल बना देती हैं। अगर आप कंसीव करने की कोशिश कर रहे हैं और कामयाबी नहीं मिल रही, तो इन गलतियों को भूलकर भी नज़रअंदाज न करें।

ये गलतियां बन रही फैमिली प्लानिंग में रुकावट- India TV Hindi
ये गलतियां बन रही फैमिली प्लानिंग में रुकावट Image Source : FREEPIK

बच्चे की पहली रोने की आवाज, पहली किलकारी, पहली मुस्कान और मां-बाप की उंगली पकड़कर पहला कदम। लेकिन इसी खूबसूरत सफर के पीछे एक ऐसी हेल्थ इमरजेंसी छिपी है जिस पर आज भी खुलकर बात नहीं होती। जबकि भारत में मां बनना अब पहले से ज्यादा सेफ है। मैटरनल मोरालिटी रेसियो घटा है, 89 प्रतिशत से ज्यादा डिलीवरी अस्पतालों में हो रही है, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या माताएं मानसिक रूप से भी उतनी ही सुरक्षित है ? आंकड़े तो कहते हैं देश में करीब 22% महिलाएं प्रेग्नेंसी या बच्चे के जन्म के बाद गंभीर मानसिक तनाव से गुजरती हैं और ये तनाव कई शक्लों में सामने आता है। कहीं ‘हर वक्त खुश रहने का दबाव कहीं 'परफेक्ट मां बनने का प्रेशर। कहीं 'डिलीवरी के दर्द का डर' तो कहीं 'ब्रेस्टफीडिंग न करा पाने का अफसोस। यही वजह है कि कई महिलाएं अपनी असली तकलीफ छुपाने लगती हैं और धीरे-धीरे चिंता, थकान और इमोशनल डिस्कनेक्ट में चली जाती हैं। 
 
डिलीवरी के बाद बेबी ब्लूज आम है थकान, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी लेकिन अगर ये हालत कई हफ्तों तक बनी रहे मां बच्चे से दूरी महसूस करे। परिवार से कटने लगे या अंदर से टूटने लगे तो ये 'पोस्टपार्टम डिप्रेशन' हो सकता है और इसे नजरअंदाज करना मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक है। मामला सिर्फ डिलीवरी के बाद का नहीं है। आज कई न्यू कपल्स के सामने मां-बाप बनने की राह भी मुश्किल हो रही है। देर से शादी, देर से फैमिली प्लानिंग, करियर का तनाव, खराब खानपान, प्रदूषण और भागदौड़ भरी जिंदगी। ये सब फर्टिलिटी पर असर डाल रहे हैं। बिल्कुल महिलाओं में PCOS, फाइब्रॉइड्स, थायराइड और हार्मोनल गड़बड़ी बढ़ रही है। 
 
कुल मिलाकर ये बात सिर्फ सामाजिक दबाव की नहीं है। ये शरीर के अंदर चल रहा बड़ा अलार्म है इसलिए आज की सबसे जरूरी बात यही है। शर्म छोड़िए, स्क्रीनिंग करवाइए देरी नहीं, सही इलाज जरूरी है और मां बनने के सफर में सिर्फ बच्चे की सेहत नहीं, मां के शरीर और मन दोनों की सेहत भी जरूरी है और इसमें योग, प्राणायाम, आयुर्वेद और सही लाइफस्टाइल सबसे बड़ा मददगार है। 
 
देर से शादी देर से फैमिली प्लानिंग
  • तनाव
  • खराब लाइफस्टाइल
  • प्रदूषण का असर
फर्टिलिटी पर भारी बिगड़ी हुई दिनचर्या
 
  • करियर प्रेशर और स्ट्रेस बड़ी वजह
  • एंडोमेट्रियोसिस
  • फाइब्रॉइड्स
  • थायरॉइड
महिलाओं में बढ़ रहीं फर्टिलिटी से जुड़ी बीमारियां
हार्मोनल गड़बड़ी बड़ी रुकावट
इर्रेग्युलर पीरियड्स और पेल्विक पेन को नजरअंदाज न करें।
 
शुरुआती संकेत पहचानना जरूरी
  • बढ़ता वजन
  • इर्रेग्युलर पीरियड्स
  • पेल्विक पेन
देरी नहीं सही इलाज जरूरी
योग-प्राणायाम
आयुर्वेद-नेचुरोपैथी 
हेल्दी लाइफस्टाइल 
हार्मोन संतुलित रखें
फर्टिलिटी को बेहतर बनाएं
Breakfast में सिर्फ चाय पीना शरीर को क्या क्या नुकसान पहुंचा सकता है?

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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