Fact Check: इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं India TV फैक्ट चेक। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 'ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर को पब से बाहर निकाल दिया गया।'
क्या हो रहा है वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि 'ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर को पब से बाहर निकाल दिया गया।' सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक यूजर ने अपनी पोस्ट में यह दावा किया है। इसके साथ ही यूजर ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर किया है। इस वीडियो में शख्स को कीर स्टार्मर के साथ बहस करते हुए देखा जा सकता है। यूजर ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "ये ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर को अपने पब से बाहर निकाल दिया! क्योंकि पब मालिक उनके दवारा काम करने से खुश नहीं था।"

फैक्ट चेक
चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए हमने दावे की जांच करने का फैसला किया। हमने संबंधित कीवर्ड से सर्च किया, इस दौरान हमें NBC News की वेबसाइट पर वायरल वीडियो मिला, जिसे 19 अप्रैल 2021 को पोस्ट किया था। NBC News की रिपोर्ट के अनुसार,ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी के नेता सर कीर स्टार्मर को इंग्लैंड के शहर बाथ में लोगों से मुलाकात के दौरान एक पब के मालिक ने बाहर निकाल दिया। पब मालिक का कहना था कि स्टार्मर ने लॉकडाउन उपायों का पर्याप्त विरोध नहीं किया, जबकि उस समय पूरे ब्रिटेन में लॉकडाउन प्रतिबंध लागू थे। हमने यह भी जांचा कि वर्ष 2021 में ब्रिटेन का प्रधानमंत्री कौन था। जांच में स्पष्ट हुआ कि उस समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन थे, जबकि कीर स्टार्मर विपक्षी लेबर पार्टी के नेता के रूप में भूमिका निभा रहे थे। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो वर्ष 2021 का है, जब कीर स्टार्मर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री नहीं थे, बल्कि संसद में विपक्षी लेबर पार्टी के नेता के तौर पर कार्यरत थे।

फैक्ट चेक में क्या निकला?
India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को कीर स्टार्मर के कार्यकाल के दौरान का बताकर वायरल किया जा रहा है जबकि घटना उस समय की है जब वह विपक्षी नेता हुआ करते थे। ऐसे में इंडिया टीवी के फैक्ट चेक में वायरल हो रहा दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। India TV के फैक्ट चेक में वायरल हो रही इस पोस्ट का दावा झूठा निकला।
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