Fact check: हर रोज सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है। कभी कोई फोटो या कभी कोई वीडियो, वायरल होती रहती है। इसमें कई तो फर्जी होती हैं, जिनका सच से कोई नाता ही नहीं होता। इसके अलावा टेक्स्ट मैसेज भी वायरल होते हैं, जिनमें कई को तो गलत दावों के साथ शेयर किया जाता है। इन मैसेज में दी गई जानकारी भ्रामक एवं गलत भी होती है। ऐसे ही सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया गया है कि भारत ने CPI महंगाई की गणना से खाने-पीने की चीज़ों और शिक्षा को हटा दिया है। जब इस दावे की जांच की गई तो सच कुछ और ही निकला।
क्या हो रहा वायरल?
सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट बहुत तेज गति से वायर हो रही हैं। वायरल हो रहीं कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि भारत ने CPI (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) महंगाई की गणना से खाने-पीने की चीजों और शिक्षा को हटा दिया है।
कैसे पता लगी सच्चाई?
वायरल पोस्ट्स को लोकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB ने फैक्ट चेक किया है। पीआईबी द्वारा किए गए फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह से फर्जी निकला। फैक्ट चेक में पाया गया कि फूड और शिक्षा CPI बास्केट के मुख्य घटक बने हुए हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सभी झूठी व गलत या भ्रामक जानकारी से सावधान रहें। किसी भी खबर को शेयर करने या उसपर भरोसा करने पहले हमेशा आधिकारिक सोर्सेज से उसको वेरिफाई अवश्य कर लें। साथ ही, केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी या विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी हेतु ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करें।
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