सोशल मीडिया और स्मार्ट फोन के जमाने में भ्रामक मैसेज और वीडियो की भरमार है। लोगों के वॉट्सएप और मोबाइल पर भ्रामक एसएमएस और नोटिस भेजे जा रहे हैं। आमजन को इन नोटिस का पता लगाना मुश्किल हो गया है कि क्या सही और क्या गलत है? इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ऐसे ही भ्रामक मैसेज और नोटिस के सत्यता की जांच करती है।
क्या हो रहा वायरल?
लोगों के मोबाइल में एक खास नोटिस भेजा जा रहा है। दावा किया जरा है कि ये नोटिस बीएसएनल की तरफ से है। इस नोटिस में कहा गया है कि ग्राहक का KYC टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) द्वारा सस्पेंड कर दिया गया है। ग्राहक का सिम कार्ड भी 24 घंटे के अंदर ब्लॉक कर दिया जाएगा।
BSNL ने नहीं जारी किया ऐसा कोई नोटिस
बहुत से लोगों के पास इस तरह का नोटिस भेजा गया है। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ने इस नोटिस के सत्यता की जांच की है। इंडियी टीवी की टीम ने चेक किया कि BSNL की तरफ से ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं किया है।
पूरी तरह फेक है ये नोटिस
भारत सरकार की संस्था प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने इस मामले में कहा कि सावधान यह नोटिस नकली है। इसके साथ ही पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'BSNL कभी भी ऐसे नोटिस नहीं भेजता है। अपनी पर्सनल और बैंक डिटेल्स किसी के साथ शेयर न करें।'
साइबर क्राइम का नया पैटर्न
बीएसएनल के नाम से वायरल हो रहा ये नोटिस पूरी तरह से धोखाधड़ी करने के लिए बनाया गया है। मोबाइल यूजर्स के पास ये नोटिस भेजकर उनके बैंक अकाउंट में सेंध लगाई जाती है। कुछ ही देर में साइबर अपराध से जुड़े लोग उनके अकाउंट से मोटी रकम निकाल लेते हैं। इसलिए ऐसे नोटिस और मैसेज से सावधान रहें और साइबर क्राइम पुलिस को सूचना दें।