सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म में कई तरह के वीडियो वायरल होते हैं। इनमें से कई वीडियो गलत दावों और भ्रामक जानकारी के साथ अपलोड किए जाते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इन वीडियो को सच मानकर अपनी टाइम लाइन में शेयर कर लेते हैं। इससे लोगों के बीच फेक न्यूज और भ्रामक जानकारी फैलती है। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम वायरल वीडियो के सत्यता की जांच करती है।
क्या हो रहा वायरल?
सोशल मीडिया के फेसबुक प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग पुलिस की टीम पर पथराव करते हुए नजर आ रहे हैं। पत्थरबाजों से बचने के लिए पुलिस को शील्ड के पीछे छुपना पड़ रहा है। वीडियो को शेयर करते हुए फेसबुक पर सहदेव महतो (Sahdev Mahto) नाम के यूजर ने दावा किया कि ये वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल का है। यूजर ने वीडियो को अपलोड करते हुए कैप्शन में लिखा, 'बंगाल में पुलिस की हालत देख लो, ये पुलिस रक्षा करेगी।'

नेपाल की है घटना
वायरल दावे के सत्यता की जांच के लिए वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया गया। इस दौरान 'Infotainment Nepal' नाम के यूट्यूब चैनल पर एक ऐसा वीडियो मिला, जो वायरल क्लिप से हूबहू मेल खाता है। यह वीडियो चैनल पर 28 मार्च 2025 को अपलोड किया गया था। फुटेज के कई विजुअल्स वायरल क्लिप से मिलते हुए दिखाई दिए। वायरल वीडियो और यूट्यूब के वीडियो के लोकेशन और भीड़ का बर्ताव एक जैसा ही दिखाई दिया। इन समानताओं के आधार पर साफ हुआ कि वायरल वीडियो नेपाल का है, न कि पश्चिम बंगाल का है।

राजशाही की मांग को लेकर प्रदर्शन
इसके साथ ही पड़ताल के दौरान एक मीडिया रिपोर्ट भी सामने आई। 'नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर 29 मार्च 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया नेपाल में प्रदर्शन उग्र हो गया है। एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार, 'नेपाल में राजशाही समर्थक आंदोलन से बिगड़े हालात, काठमांडू में तैनात की गई सेना, क्या फिर से राजतंत्र की ओर बढ़ रहा देश?' इस शीर्षक से खबर लिखी गई।

फर्जी साबित हुआ दावा
इस तरह फेसबुक पर वायरल हो रहे वीडियो की पड़ताल में दावा फर्जी साबित हुआ है। फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं, बल्कि नेपाल का है। यह वीडियो 28 मार्च 2025 का है, जब काठमांडू के तिनकुने इलाके में राजशाही की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए थे और पुलिस पर पथराव किया गया था। वायरल वीडियो उसी घटना का एक हिस्सा है। जिसे अब गलत दावे के साथ अपलोड किया गया और शेयर किया जा रहा है।