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डिजिटल सट्टेबाजी और फ्रॉड पर लगाम लगाएगा ऑनलाइन गेमिंग बिल, आखिर कैबिनेट से मंजूर इस विधेयक में है क्या?

Published : Aug 19, 2025 08:48 pm IST,  Updated : Aug 20, 2025 01:29 pm IST
केंद्र सरकार ने मंगलवार को ऑनलाइन गेमिंग बिल (विधेयक) को मंजूरी दे दी है। यह कानून देश में तेजी से फैलते वर्चुअल गेमिंग सेक्टर को नियमित करने और डिजिटल सट्टेबाज़ी जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। यह बिल बुधवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है।
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केंद्र सरकार ने मंगलवार को ऑनलाइन गेमिंग बिल (विधेयक) को मंजूरी दे दी है। यह कानून देश में तेजी से फैलते वर्चुअल गेमिंग सेक्टर को नियमित करने और डिजिटल सट्टेबाज़ी जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। यह बिल बुधवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है।
इस बिल का मुख्य मकसद है भारत में ऑनलाइन गेमिंग को नियंत्रित करना और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए सट्टा लगाना अपराध घोषित करना। गेमिंग की लत, धोखाधड़ी और राज्यों में कानूनों की असंगतता पर इस विधेयक या बिल पर खासतौर पर फोकस किया गया है।
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इस बिल का मुख्य मकसद है भारत में ऑनलाइन गेमिंग को नियंत्रित करना और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए सट्टा लगाना अपराध घोषित करना। गेमिंग की लत, धोखाधड़ी और राज्यों में कानूनों की असंगतता पर इस विधेयक या बिल पर खासतौर पर फोकस किया गया है।
रीयल मनी गेम्स चलाने वाले ऐप्स और वेबसाइट्स पर कड़ी निगरानी होगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यानी MeitY को इस क्षेत्र का केंद्रीय रेगुलेटर बनाए जाने की संभावना है। अवैध और बिना रजिस्ट्रेशन वाले गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने की शक्ति भी संबंधित प्राधिकरणों को दी जा सकती है।
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रीयल मनी गेम्स चलाने वाले ऐप्स और वेबसाइट्स पर कड़ी निगरानी होगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यानी MeitY को इस क्षेत्र का केंद्रीय रेगुलेटर बनाए जाने की संभावना है। अवैध और बिना रजिस्ट्रेशन वाले गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने की शक्ति भी संबंधित प्राधिकरणों को दी जा सकती है।
ऑनलाइन गेमिंग कानून लागू हुए तो ऑनलाइन सट्टा अपराध माना जाएगा। अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स का प्रचार करने पर सेलिब्रिटीज और इन्फ्लुएंसर्स पर भी कार्रवाई संभव होगा। अवैध सट्टेबाज़ी में 7 साल तक की जेल और जुर्माना के प्रावधान किए जा सकते हैं।
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ऑनलाइन गेमिंग कानून लागू हुए तो ऑनलाइन सट्टा अपराध माना जाएगा। अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स का प्रचार करने पर सेलिब्रिटीज और इन्फ्लुएंसर्स पर भी कार्रवाई संभव होगा। अवैध सट्टेबाज़ी में 7 साल तक की जेल और जुर्माना के प्रावधान किए जा सकते हैं।
ऑनलाइन गेमिंग बिल न केवल गेमिंग उद्योग को संविधानिक दायरे में लाएगा, बल्कि उपयोगकर्ताओं और निवेशकों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगा। इससे उद्योग को ज़रूरी पारदर्शिता और जवाबदेही मिलेगी, जो लंबे समय में टिकाऊ विकास के लिए अहम है।
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ऑनलाइन गेमिंग बिल न केवल गेमिंग उद्योग को संविधानिक दायरे में लाएगा, बल्कि उपयोगकर्ताओं और निवेशकों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगा। इससे उद्योग को ज़रूरी पारदर्शिता और जवाबदेही मिलेगी, जो लंबे समय में टिकाऊ विकास के लिए अहम है।
एक अनुमान के मुताबिक, भारत की ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री 2029 तक $9.1 अरब तक पहुंच सकती है। 2024 में 86% रेवेन्यू केवल रीयल मनी गेम्स से आया, जिसका आकार लगभग $3.7 अरब रहा। यह बिल विनियमन लाएगा और फ्रॉड, गैरकानूनी ऐप्स और अनैतिक प्रचार पर रोक लगाएगा।
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एक अनुमान के मुताबिक, भारत की ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री 2029 तक $9.1 अरब तक पहुंच सकती है। 2024 में 86% रेवेन्यू केवल रीयल मनी गेम्स से आया, जिसका आकार लगभग $3.7 अरब रहा। यह बिल विनियमन लाएगा और फ्रॉड, गैरकानूनी ऐप्स और अनैतिक प्रचार पर रोक लगाएगा।
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