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जब बहन के लिए भगवान के दर पर पहुंचे ऋतिक रोशन, रात भर मंदिर में की प्रार्थना

Written By: Priya Shukla
Published : Jun 10, 2026 10:39 pm IST,  Updated : Jun 10, 2026 10:39 pm IST
बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन की बहन सुनैना रोशन भले ही फिल्मी दुनिया से दूर रही हैं, लेकिन इंडस्ट्री का जाना-माना नाम हैं और अब अपनी फिटनेस जर्नी को लेकर चर्चा में रहती हैं। सुनैना अक्सर अपनी फिटनेस जर्नी को लेकर नए अपडेट साझा करती रहती हैं और अब उन्होंने बताया कि कैसे क्रैश डाइटिंग की वजह से उन्हें ट्यूबरकुलोसिस मेनिन्जाइटिस का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते उन्हें लकवा मार सकता था या वे कोमा में जा सकती थीं।
1/6 Image Source : Instagram/@roshansunaina
बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन की बहन सुनैना रोशन भले ही फिल्मी दुनिया से दूर रही हैं, लेकिन इंडस्ट्री का जाना-माना नाम हैं और अब अपनी फिटनेस जर्नी को लेकर चर्चा में रहती हैं। सुनैना अक्सर अपनी फिटनेस जर्नी को लेकर नए अपडेट साझा करती रहती हैं और अब उन्होंने बताया कि कैसे क्रैश डाइटिंग की वजह से उन्हें ट्यूबरकुलोसिस मेनिन्जाइटिस का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते उन्हें लकवा मार सकता था या वे कोमा में जा सकती थीं।
सुनैना रोशन ने अपनी जिंदगी के उस मुश्किल दौर के बारे में बात की, जब क्रैश डाइट ने उनकी इम्यूनिटी इतनी कमजोर कर दी थी कि वह जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ गईं। 2001 में वह कोमा में जाते-जाते बची थीं।
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सुनैना रोशन ने अपनी जिंदगी के उस मुश्किल दौर के बारे में बात की, जब क्रैश डाइट ने उनकी इम्यूनिटी इतनी कमजोर कर दी थी कि वह जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ गईं। 2001 में वह कोमा में जाते-जाते बची थीं।
सुनैना ने अपनी हेल्थ जर्नी सीरीज के तहत सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में क्रैश डाइट के खतरनाक नतीजों को याद करते हुए बताया कि कैसे जब उनके परिवार को पता चला कि वह ट्यूबरकुलोसिस मेनिन्जाइटिस की चपेट में हैं तो उनके परिवार को कुछ बुरा होने का डर सताने लगा था।
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सुनैना ने अपनी हेल्थ जर्नी सीरीज के तहत सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में क्रैश डाइट के खतरनाक नतीजों को याद करते हुए बताया कि कैसे जब उनके परिवार को पता चला कि वह ट्यूबरकुलोसिस मेनिन्जाइटिस की चपेट में हैं तो उनके परिवार को कुछ बुरा होने का डर सताने लगा था।
क्रैश डाइटिंग का अपना अनुभव शेयर करते हुए सुनैना ने कहा, "मैंने हाल ही में बताया था कि कैसे क्रैश डाइटिंग के चलते मैं अस्पताल पहुंच गई थी और इसके बाद जो हुआ मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकती थी। दो-तीन दिनों तक मुझे कुछ भी होश नहीं था। डॉक्टर ने मेरे परिवार को मेरी हेल्थ के बारे में बताते हुए कहा कि मुझे लकवा मार सकता है, आंखों की रोशनी जा सकती है या फिर मैं कोमा में भी जा सकती हूं। उन्हें पता नहीं था कि आगे क्या होगा।"
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क्रैश डाइटिंग का अपना अनुभव शेयर करते हुए सुनैना ने कहा, "मैंने हाल ही में बताया था कि कैसे क्रैश डाइटिंग के चलते मैं अस्पताल पहुंच गई थी और इसके बाद जो हुआ मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकती थी। दो-तीन दिनों तक मुझे कुछ भी होश नहीं था। डॉक्टर ने मेरे परिवार को मेरी हेल्थ के बारे में बताते हुए कहा कि मुझे लकवा मार सकता है, आंखों की रोशनी जा सकती है या फिर मैं कोमा में भी जा सकती हूं। उन्हें पता नहीं था कि आगे क्या होगा।"
सुनैना आगे कहती हैं- 'मेरे ठीक होने की प्रार्थना करते हुए मेरा भाई मंदिर में ही बैठा रहा। उसने पूरी रात मंदिर में बिता दी। डॉक्टर्स ने कहा था कि मेरे ठीक होने का पहला संकेत ये होगा कि मैं खाने के लिए कुछ मांगूंगी, और कई दिनों बाद, मैंने बिल्कुल वैसा ही किया और इस पल ने मेरे परिवार के लिए सब बदल दिया।'
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सुनैना आगे कहती हैं- 'मेरे ठीक होने की प्रार्थना करते हुए मेरा भाई मंदिर में ही बैठा रहा। उसने पूरी रात मंदिर में बिता दी। डॉक्टर्स ने कहा था कि मेरे ठीक होने का पहला संकेत ये होगा कि मैं खाने के लिए कुछ मांगूंगी, और कई दिनों बाद, मैंने बिल्कुल वैसा ही किया और इस पल ने मेरे परिवार के लिए सब बदल दिया।'
सुनैना ने कहा, "ट्यूबरकुलोसिस मेनिन्जाइटिस का पता चलने के बाद करीब एक महीने तक मैं हॉस्पिटल में रही। फिर इससे बाहर आने के लिए मुझे करीब 4 महीने घर पर ही रहना पड़ा और इससे बाहर आने के लिए लगातार दवाईयों पर दवाईंयां लेना पड़ा, क्योंकि मेरी इम्यूनिटी बहुत कमजोर हो चुकी थी।'
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सुनैना ने कहा, "ट्यूबरकुलोसिस मेनिन्जाइटिस का पता चलने के बाद करीब एक महीने तक मैं हॉस्पिटल में रही। फिर इससे बाहर आने के लिए मुझे करीब 4 महीने घर पर ही रहना पड़ा और इससे बाहर आने के लिए लगातार दवाईयों पर दवाईंयां लेना पड़ा, क्योंकि मेरी इम्यूनिटी बहुत कमजोर हो चुकी थी।'
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