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Image Source : Rishab Shetty Instagram
2 अक्टूबर 2025 को रिलीज हुई ऋषभ शेट्टी की फिल्म 'कंतारा: चैप्टर 1' ने दर्शकों और आलोचकों के बीच काफी सुर्खियां बटोरी है। यह फिल्म 2022 की ब्लॉकबस्टर कंतारा का प्रीक्वल है, जो अब तक की सबसे चर्चित कन्नड़ फिल्मों में से एक रही है। 'कंतारा: चैप्टर 1' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया और इसकी ओपनिंग भी बेहद दमदार रही। यह पौराणिक एक्शन-ड्रामा फिल्म पूर्व-औपनिवेशिक तटीय कर्नाटक की पृष्ठभूमि पर आधारित है और उसमें प्राचीन भूता कोला परंपरा की उत्पत्ति को दर्शाया गया है, जिसने मूल फिल्म को भी एक खास पहचान दिलाई थी।
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ऋषभ शेट्टी इस फिल्म में न सिर्फ मुख्य भूमिका में हैं, बल्कि उन्होंने इसका लेखन और निर्देशन भी किया है। उनके साथ फिल्म में रुक्मिणी वसंत, जयराम, गुलशन देवैया और प्रमोद शेट्टी जैसे कलाकार नजर आते हैं। फिल्म को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। लोगों ने खासतौर पर फिल्म के वीएफएक्स, बैकग्राउंड स्कोर, शुरुआती 15 मिनट और क्लाइमेक्स की तारीफ की है। वहीं कुछ दर्शकों का मानना है कि फिल्म में प्रिडिक्ट की सकती थी।
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बावजूद इसके, फिल्म की लोकप्रियता जबरदस्त रही है। रिलीज के पहले दिन सुबह 10 बजे तक ही सभी भाषाओं में 8.6 करोड़ रुपये की कमाई हो चुकी थी, और 10 लाख से ज्यादा टिकट पहले ही बिक चुके थे। व्यापार विशेषज्ञ मानते हैं कि फिल्म के पास विक्की कौशल की 'छावा' को पछाड़कर 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने की पूरी क्षमता है। कंतारा (2022) की बेमिसाल सफलता के बाद ऋषभ शेट्टी ने न सिर्फ इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान बनाई, बल्कि आर्थिक रूप से भी खुद को बहुत मजबूत किया। महज 14 करोड़ रुपये के बजट में बनी वह फिल्म 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है।
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इसके बाद ऋषभ ने अपने जीवन में कई अहम निवेश किए, जिनमें से सबसे खास है उनका कुंदापुरा स्थित पारंपरिक तटीय हवेली। कर्नाटक के उडुपी जिले में स्थित यह घर तटीय कर्नाटक की पारंपरिक वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है। हवेली में पीतल जड़े बर्मा सागौन के दरवाजे, हाथ से खींची जाने वाली घंटियां, और लेटराइट पत्थर की सीढ़ियां हैं, जो इसे एक सांस्कृतिक धरोहर जैसी भव्यता देते हैं। घर के भीतर एक खूबसूरत प्रांगण है, जिसमें लगभग 300 किलो वजनी ग्रेनाइट से बना तुलसी का कट्टा मौजूद है।
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चारों तरफ बने अलकोव में ऋषभ की प्रिय चीजें रखी गई हैं, जिनमें कंतारा की एक प्रॉप राइफल, यक्षगान टोपी और युवराज सिंह के हस्ताक्षर वाला बैट शामिल हैं। मनोरंजन के लिए भी यह घर किसी सिनेमाघर से कम नहीं है। ऋषभ ने इसमें 150-इंच की रिट्रैक्टेबल स्क्रीन, मंगलोरियन टाइल्स से सजे झूमर, और एक शानदार मल्टीमीडिया लाउंज बनवाया है। इसके अलावा, उनके घर का एक अनोखा हिस्सा है, रेन रूम, जिसे उन्होंने मानसून का अनुभव घर के भीतर लाने के लिए डिजाइन किया है।
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घर से सटे ऋषभ का एक रचनात्मक ऑफिस भी है। इसमें बैठने के लिए कुर्सियों की जगह झूले हैं, खुली ईंटों की दीवारें हैं और टेराकोटा की जालियों से सजा यह स्थान उन्हें लेखन और निर्देशन के लिए प्रेरित करता है। यह हवेली केवल एक घर नहीं, बल्कि ऋषभ शेट्टी की रचनात्मकता, पारिवारिक जड़ों और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अनोखी संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ रुपये है।
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बात करें फिल्म की तो 'कंतारा: चैप्टर 1' की सफलता ने साबित कर दिया है कि जब कहानी, संस्कृति और सिनेमा का मेल होता है तो वह दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ता है। ऋषभ शेट्टी की फिल्म की तरह ही उनकी लाइफस्टाइल भी लोगों का दिल जीत रही है। एक्टर जमीन से जुड़े हुए हैं और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को पूरा करते हैं। इसके अलावा उनके पास लग्जरी की भी कमी नहीं है, महंगी गाड़ियों के शौकीन एक्टर प्राइवेट जेट में सफर करते हैं।