Published : Jun 13, 2026 04:13 pm IST, Updated : Jun 13, 2026 04:13 pm IST
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'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में हैरान करने वाला खुलासा होने वाला है। गौतम और दामिनी शांति निकेतन में नया हंगामा करते दिखाई देंगे। वे दोनों करण की मंदिरा के बेटे वाली पहचान पर टिप्पणी करके उसके और तुलसी के रिश्ते को निशाना बनाएंगे। शो के आने एपिसोड सस्पेंस से भरपूर होने वाले हैं, क्योंकि तुलसी करण के बारे में एक चौंकाने वाला फैसला करती है। ऐसा फैसला, जिसके बारे में उसने सपने में भी नहीं सोचा था।
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'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में आगे देखने को मिलेगा कि नंदिनी के यह बताने पर कि करण घर चलाने में आर्थिक मदद कर रहा है। गौतम और तुलसी के बीच बहस हो जाती है। गौतम शांति निकेतन छोड़ने का फैसला करता है, लेकिन तुलसी उसे रोकती है और कहती है कि वे अब करण से कोई पैसा नहीं लेंगे। दामिनी भी गौतम का साथ देते हुए नंदिनी का विरोध करती है। वे दोनों मिलकर नकुल के अधिकारों की मांग करते हैं और शांति निकेतन छोड़ने से इनकार कर देते हैं।
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करण और गौतम के बीच तीखी बहस हो जाती है, जब करण कहता है कि उसने अभी तक संपत्ति में अपना हिस्सा नहीं लिया है। तुलसी साफ तौर पर कहती है कि जब तक वह जिंदा है। शांति निकेतन का कभी बंटवारा नहीं होगा। इस बीच रियो, जिसने पहले ही परिवार में दरारें पैदा कर दी थीं। वह हालात को और बिगाड़ देता है, जिससे घर में प्यार, वफादारी और सम्मान डगमगा जाते हैं।
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वह हालात का फायदा उठाकर तुलसी को करण और गौतम में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर करता है। हताशा में तुलसी गौतम का साथ देती है और करण को मंदिरा का बेटा कह देती है। उसकी बातें सुनकर करण तुरंत टूट जाता है। तुलसी आगे कहती है कि भले ही उसने उसे पाला-पोसा हो, लेकिन इस घर से उसका कोई असली रिश्ता नहीं है।
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गुस्से में तुलसी करण से शांति निकेतन छोड़ने के लिए कहती है। तुलसी इशारों-इशारों में करण और नंदिनी को शांति निकेतन से बेदखल कर देती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या तुलसी सच में करण और नंदिनी को छोड़ सकती है? या इस सब के पीछे रियो का हाथ है? या शायद तुलसी कुछ और ही सोच रही है?
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प्रॉपर्टी को लेकर करण और गौतम के बीच जबरदस्त झगड़ा होता है। अपकमिंग एपिसोड की शुरुआत गौतम और दामिनी की बातचीत से होती है, जिसमें वे चर्चा करते हैं कि कैसे नंदिनी और करण शांति निकेतन पर कब्जा करना चाहते हैं। गौतम जिद करता है कि वह घर छोड़कर नहीं जाएगा, क्योंकि यह घर उसका है। दामिनी सुझाव देती है कि तुलसी से नकुल के अधिकारों पर विचार करने के लिए कहा जाए।
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इस बीच आनंदी, पार्थ और वैष्णवी की सगाई के लिए अपना प्लान बताती है। तुलसी प्रस्ताव रखती है कि यह कार्यक्रम शांति निकेतन में होगा। दामिनी गौतम से कहती है कि तुलसी में नंदिनी की सभी गलतियों को माफ करने की क्षमता है। नंदिनी और तुलसी वैष्णवी का शगुन लेकर आती हैं और पार्थ के बारे में बात करते हुए उसे छेड़ती हैं। बाद में करण शांति निकेतन पहुंचता है और तुलसी से उसके उस फैसले के बारे में सवाल करता है, जिसके तहत उसके अधिकार छीन लिए गए थे, क्योंकि वह घर के खर्च में पैसे का योगदान देता रहा था।