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इन ब्रीदिंग एक्सरसाइज से डिप्रेशन की होगी छुट्टी, सुधर जाएगी मेंटल हेल्थ, फेफड़े बनेंगे मजबूत, जानें कैसे करें?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Nov 20, 2024 01:47 pm IST,  Updated : Nov 20, 2024 01:47 pm IST
 आजकल की भागती दौड़ती ज़िन्दगी में ज़्यादा लोगों का मेंटल पीस उड़ा हुआ है। तनाव लेने से वयक्ति डिप्रेशन की चपेट में आने लगते हैं और इस वजह से नींद में कमी, चिड़चिड़ाहट, मोटापा, हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी कई गंभीर समस्यांए घेर लेती हैं। कई बार स्ट्रेस इतना ज़्याद ट्रिगर करता है कि लोगों को एन्जायटी के दौरे पड़ते हैं जिस वजह से सांस लेने में मुश्किल होने लगती है। ऐसे में अगर आप अपने आप को हेल्दी और दिमाग को शांत रखना चाहते हैं तो अपनी लाइफ स्टाइल में इन कुछ ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ को शामिल करें। ये व्यायाम तनाव और चिंता को कम कर नींद की गुणवत्ता बढ़ाते हैं, फेफड़ों की क्षमता में सुधार लाकर आपके हृदय स्वास्थ्य को भी बेहतर करते हैं। तो, चलिए जानते हैं आपको कौन से श्वास व्यायाम करने चाहिए?
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आजकल की भागती दौड़ती ज़िन्दगी में ज़्यादा लोगों का मेंटल पीस उड़ा हुआ है। तनाव लेने से वयक्ति डिप्रेशन की चपेट में आने लगते हैं और इस वजह से नींद में कमी, चिड़चिड़ाहट, मोटापा, हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी कई गंभीर समस्यांए घेर लेती हैं। कई बार स्ट्रेस इतना ज़्याद ट्रिगर करता है कि लोगों को एन्जायटी के दौरे पड़ते हैं जिस वजह से सांस लेने में मुश्किल होने लगती है। ऐसे में अगर आप अपने आप को हेल्दी और दिमाग को शांत रखना चाहते हैं तो अपनी लाइफ स्टाइल में इन कुछ ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ को शामिल करें। ये व्यायाम तनाव और चिंता को कम कर नींद की गुणवत्ता बढ़ाते हैं, फेफड़ों की क्षमता में सुधार लाकर आपके हृदय स्वास्थ्य को भी बेहतर करते हैं। तो, चलिए जानते हैं आपको कौन से श्वास व्यायाम करने चाहिए?
आप बेली ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ को अपने रूटीन में शामिल करें। इससे आपका तनाव तो कम होगा ही दिल की सेहत भी भीतर होगी। सबसे पहले क्रॉस लेग करके बैठें। एक हाथ अपनी छाती के ऊपरी हिस्से पर और दूसरा अपने पेट पर रखें। धीरे-धीरे अपनी नाक से साँस लें। हवा आपकी नाक में और नीचे की ओर जानी चाहिए ताकि आप अपने पेट को अपने दूसरे हाथ से (अपनी रीढ़ की हड्डी की ओर) अंदर की ओर उठते और गिरते हुए महसूस कर सकें। धीरे-धीरे होंठों को थोड़ा सिकोड़कर साँस छोड़ें। प्रतिदिन एक से पाँच बार।
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आप बेली ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ को अपने रूटीन में शामिल करें। इससे आपका तनाव तो कम होगा ही दिल की सेहत भी भीतर होगी। सबसे पहले क्रॉस लेग करके बैठें। एक हाथ अपनी छाती के ऊपरी हिस्से पर और दूसरा अपने पेट पर रखें। धीरे-धीरे अपनी नाक से साँस लें। हवा आपकी नाक में और नीचे की ओर जानी चाहिए ताकि आप अपने पेट को अपने दूसरे हाथ से (अपनी रीढ़ की हड्डी की ओर) अंदर की ओर उठते और गिरते हुए महसूस कर सकें। धीरे-धीरे होंठों को थोड़ा सिकोड़कर साँस छोड़ें। प्रतिदिन एक से पाँच बार।
बॉक्स ब्रीदिंग एक गहरी साँस लेने की तकनीक है जो तनाव को दूर करने में मदद कर सकती है। इसे फोर-स्क्वायर ब्रीदिंग के नाम से भी जाना जाता है, यह मानसिक एकाग्रता को बेहतर बना सकता है। नियमित अभ्यास से इस व्यायाम को आसानी से सीख सकते हैं। इसमें 4 सेकंड के लिए सांस लेकर 7 सेकंड के लिए सांस रोकना होता है और फिर और 8 सेकंड के लिए सांस छोड़ना पड़ता है।
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बॉक्स ब्रीदिंग एक गहरी साँस लेने की तकनीक है जो तनाव को दूर करने में मदद कर सकती है। इसे फोर-स्क्वायर ब्रीदिंग के नाम से भी जाना जाता है, यह मानसिक एकाग्रता को बेहतर बना सकता है। नियमित अभ्यास से इस व्यायाम को आसानी से सीख सकते हैं। इसमें 4 सेकंड के लिए सांस लेकर 7 सेकंड के लिए सांस रोकना होता है और फिर और 8 सेकंड के लिए सांस छोड़ना पड़ता है।
सिंह आसान एक प्रकार का प्राणायाम है जो तनाव को कम कर आपके गले और ऊपरी छाती को उत्तेजित करने के लिए जाना जाता है। इसे करने के लिए अपने घुटनोंको पीछे की तरफ मोड़ें और अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर लेकर जाएं और उन्हें पूरी तरह से खोलें (शेर के पंजों की तरह)। अपनी नाक से सांस लें और ऊपर की ओर देखते हुए, अपने मुंह को पूरी तरह से खोलकर, अपनी जीभ को अपनी ठोड़ी की ओर बाहर निकालते हुए जोर से सांस छोड़ें।
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सिंह आसान एक प्रकार का प्राणायाम है जो तनाव को कम कर आपके गले और ऊपरी छाती को उत्तेजित करने के लिए जाना जाता है। इसे करने के लिए अपने घुटनोंको पीछे की तरफ मोड़ें और अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर लेकर जाएं और उन्हें पूरी तरह से खोलें (शेर के पंजों की तरह)। अपनी नाक से सांस लें और ऊपर की ओर देखते हुए, अपने मुंह को पूरी तरह से खोलकर, अपनी जीभ को अपनी ठोड़ी की ओर बाहर निकालते हुए जोर से सांस छोड़ें।
डायाफ्रामटिक ब्रीदिंग एक प्रकार का ब्रीदिंग व्यायाम है जो आपके डायाफ्राम को मजबूत करने में मदद करता है। सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं और फिर इस ब्रीदिंग एक्सरसाइज की शुरुआत करें। अब एक हाथ को अपनी ऊपरी छाती पर और दूसरे को अपनी पेट पसलियों के थोड़ा नीचे रखने के बाद अपने पेट को अपनी हथेली पर धकेलते हुए धीरे-धीरे सांस ले और छोड़ें। साँस लेने और छोड़ने दोनों के दौरान, अपना हाथ छाती पर स्थिर रखें।
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डायाफ्रामटिक ब्रीदिंग एक प्रकार का ब्रीदिंग व्यायाम है जो आपके डायाफ्राम को मजबूत करने में मदद करता है। सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं और फिर इस ब्रीदिंग एक्सरसाइज की शुरुआत करें। अब एक हाथ को अपनी ऊपरी छाती पर और दूसरे को अपनी पेट पसलियों के थोड़ा नीचे रखने के बाद अपने पेट को अपनी हथेली पर धकेलते हुए धीरे-धीरे सांस ले और छोड़ें। साँस लेने और छोड़ने दोनों के दौरान, अपना हाथ छाती पर स्थिर रखें।
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