Published : Feb 15, 2026 08:13 pm IST, Updated : Feb 15, 2026 08:13 pm IST
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दिल की सेहत के लिए बड़े बदलावों की नहीं बल्कि निरंतर और सही आदतों की ज़रूरत होती है। योग एक सरल, सुलभ और प्रभावी तरीका है जो न केवल शरीर बल्कि मन को भी संतुलित करता है। इसे डेली रूटीन में शामिल करना दिल के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। यदि आप रोज़ाना कुछ मिनट इन आसनों को देते हैं, तो उनका असर आपके हृदय स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देगा।
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ताड़ासन: ताड़ासन शरीर के अलाइनमेंट को सुधारता है और सही पोस्चर सिखाता है। जब रीढ़ सीधी और संतुलित रहती है, तो दिल और फेफड़ों को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है। यह आसन सांस लेने की क्षमता को ऑप्टिमाइज़ करता है और पूरे शरीर में रक्त संचार को बढ़ावा देता है। इसे करने के लिए पैरों को साथ रखकर सीधे खड़े हों और वज़न दोनों पैरों पर बराबर बाँटें। घुटनों को हल्का ऊपर खींचें, जांघों को सक्रिय रखें और रीढ़ को लंबा करें। कंधों को पीछे की ओर रोल करें और ठुड्डी को ज़मीन के समानांतर रखें। 5–8 गहरी सांस लेकर इस मुद्रा में स्थिर रहें।
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अधो मुख श्वानासन: अधो मुख श्वानासन शरीर के ऊपरी और निचले हिस्से को एक साथ स्ट्रेच और मज़बूत करता है। यह आसन ब्लड फ्लो को बढ़ाता है और वैस्कुलर टोन में सुधार लाने के साथ-साथ यह हार्ट हेल्थ के लिए लाभकारी हो सकता है। हाथों और घुटनों के बल शुरुआत करें। पंजों को मोड़ते हुए हिप्स को ऊपर और पीछे उठाएँ। पैरों को आराम से सीधा करें और हथेलियों को ज़मीन में मजबूती से दबाएँ। रीढ़ को लंबा रखें और 30–60 सेकंड तक स्थिर, गहरी सांस लेते रहें।
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उत्थित त्रिकोणासन: उत्थित त्रिकोणासन छाती को खोलने और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। जब छाती खुलती है, तो ऑक्सीजन एक्सचेंज बेहतर होता है, जो सीधे तौर पर दिल की सेहत को सपोर्ट करता है। साथ ही यह पैरों को मजबूत बनाता है और सर्कुलेशन को बेहतर करता है। पैरों को चौड़ा फैलाकर खड़े हों। दाएँ पैर को 90 डिग्री बाहर मोड़ें। हाथों को कंधों की सीध में फैलाएँ और दाएँ हाथ को पिंडली या योगा ब्लॉक तक ले जाएँ। छाती खोलते हुए ऊपर देखें। 5–8 सांसों तक रुकें और फिर दूसरी तरफ दोहराएँ।