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खाना खाने के बाद पेशाब करने की क्यों दी जाती है सलाह?

Published : Nov 20, 2025 12:45 pm IST,  Updated : Nov 20, 2025 12:45 pm IST
आयुर्वेद में खाने, सोने और जागने के कुछ नियम हैं। आयुर्वेद के अनुसार एक इंसान की छोटी-छोटी आदतें उसकी लाइफस्टाइल को बिगाड़ और सुधार सकती हैं। आयुर्वेद में खाना खाने के बाद पेशाब जाने की भी सलाह दी जाती है। ऐसा करने ब्लैडर और यूटरस के लिए फायदेमंद माना जाता है।
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आयुर्वेद में खाने, सोने और जागने के कुछ नियम हैं। आयुर्वेद के अनुसार एक इंसान की छोटी-छोटी आदतें उसकी लाइफस्टाइल को बिगाड़ और सुधार सकती हैं। आयुर्वेद में खाना खाने के बाद पेशाब जाने की भी सलाह दी जाती है। ऐसा करने ब्लैडर और यूटरस के लिए फायदेमंद माना जाता है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर मानते हैं कि खाना खाने के बाद यूरिन पास करना अच्छा होता है। भोजन के तुरंत बाद शरीर में पाचन प्रक्रिया शुरू हो जाती है। खाने से निकले टॉक्सिन्स ब्लैडर में जमा होने लगते हैं। ऐसे में अगर पहले से ही ब्लैडर टॉक्सिन से फुल होगा तो उस ब्लैडर पर दबाव पड़ने लगता है।
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आयुर्वेदिक डॉक्टर मानते हैं कि खाना खाने के बाद यूरिन पास करना अच्छा होता है। भोजन के तुरंत बाद शरीर में पाचन प्रक्रिया शुरू हो जाती है। खाने से निकले टॉक्सिन्स ब्लैडर में जमा होने लगते हैं। ऐसे में अगर पहले से ही ब्लैडर टॉक्सिन से फुल होगा तो उस ब्लैडर पर दबाव पड़ने लगता है।
अगर आप खाने के बाद टॉयलेट नहीं जाते हैं तो इससे ब्लैडर की मसल्स पर प्रेशर पड़ता है और मांसपेशियां ढीली होकर कमजोर होने लगती है। ब्लैडर में टॉक्सिन भरे होने की वजह से इंफेक्शन होने का भी खतरा बढ़ जाता है।
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अगर आप खाने के बाद टॉयलेट नहीं जाते हैं तो इससे ब्लैडर की मसल्स पर प्रेशर पड़ता है और मांसपेशियां ढीली होकर कमजोर होने लगती है। ब्लैडर में टॉक्सिन भरे होने की वजह से इंफेक्शन होने का भी खतरा बढ़ जाता है।
खाने के तुरंत बाद आप यूरिन पास करने नहीं जाते हैं तो इससे शरीर में टॉक्सिन बढ़ने का खतरा रहता है। आयुर्वेद में ऐसा करने से अपानवायु प्रभावित होती है। जो हार्मोंन को भी गड़बड़ कर सकता है।
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खाने के तुरंत बाद आप यूरिन पास करने नहीं जाते हैं तो इससे शरीर में टॉक्सिन बढ़ने का खतरा रहता है। आयुर्वेद में ऐसा करने से अपानवायु प्रभावित होती है। जो हार्मोंन को भी गड़बड़ कर सकता है।
ऐसा न करने से महिलाओं का पीरियड साइकल और ओव्यूलेशन प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। लंबे समय तक टॉयलेट को होल्ड रखने से किडनी पर भी बुरा असर पड़ता है।
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ऐसा न करने से महिलाओं का पीरियड साइकल और ओव्यूलेशन प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। लंबे समय तक टॉयलेट को होल्ड रखने से किडनी पर भी बुरा असर पड़ता है।
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