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यूपी के प्रयागराज में पिछले साल लगे कुंभ मेले में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु संगम आए थे जिसको संभालना पुलिस के लिए बहुत ही मुश्किल हो गया था। इस बार माघ मेले में उस तरह की भीड़ तो नहीं आएगी लेकिन लोग कम भी नहीं होंगे। श्रद्धालु बिना समस्या के और जाम में फंसे बिना माघ मेला पहुंचकर स्नान कर सकें, इसके लिए ADG ट्रैफिक सतीश गणेश के निर्देशन में प्रयागराज की ट्रैफिक व्यवस्था में कई नए प्रयोग हुए हैं।
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DCP ट्रैफिक नीरज पांडेय और एडिशनल डीसीपी पुष्कर वर्मा ने कई तरह की नई कार्य योजना बनाई हैं। पुलिस ने इस बात को भी ध्यान में रखा है कि गांव से आने वाले अधिकतर लोग पढ़े-लिखे नहीं होते तो उनको पार्किंग की पहचान करने में आसानी हो। इसके लिए सभी 42, मेला की पार्किंग में पशु-पक्षियों की फोटो बनाई गई हैं ताकि उसकी पहचान, लोग आसानी से कर लें। इसमें मोर, गिलहरी, सारस और बंदर वाली पार्किंग हैं।
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मान लीजिए कि अगर बंदर लगे बोर्ड पर वाहन खड़ा किया गया है तो अपने परिचित को वो ये बता सकता है कि बंदर वाली पार्किंग में आना है। इसके तहत हर रूट पर अलग-अलग रंग का साइनेज बोर्ड लगाया जा रहा है।
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जैसे- कानपुर से आने वाले रूट पर पीला साइनेज बोर्ड लगा है तो वाराणसी रूट वाले साइनेज बोर्ड को नारंगी कलर दिया गया है। इसी तरह प्रतापगढ़ रूट पर ब्रॉउन और लखनऊ रूट पर ग्रीन कलर का साइनेज बोर्ड लगाया गया है।
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इस कलर कोडिंग का फायदा ये है कि जिस रूट से लोग आ रहें हैं उनको उसी रूट की पार्किंग मिल जाएगी ताकि वो अपने वाहनों को खड़ा करके मेले तक पहुंच जाएं। इससे वाहन खड़ा करके भूलने वाली समस्या भी खत्म हो जाएगी।
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माघ मेले के काफी पहले से ही ट्रैफिक से जुड़े पुलिस अफसरों ने रिसर्च करके पूरा प्लान तैयार किया था, पुलिस ने इस बात को प्राथमिकता दी है कि स्नान करने के लिए बाहर से आने वाला श्रद्धालु परेशान ना हो।
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इसके लिए शहर के अंदर और शहर के बॉर्डर पर विशेष कार्य योजना बनाई गई है। एडिशनल डीसीपी पुष्कर वर्मा ने बताया कि श्रद्धालु बिना किसी समस्या के स्नान घाट तक पहुंच जाए यही प्रयास पुलिस का है।