Tuesday, January 13, 2026
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कभी देखी है मोर, गिलहरी और बंदर वाली पार्किंग, प्रयागराज में शुरू हुआ अनोखा प्रयोग; देखें तस्वीरें

Reported By : Imran Laeek Edited By : Vinay Trivedi Published : Jan 10, 2026 10:08 am IST, Updated : Jan 13, 2026 09:32 am IST
  • यूपी के प्रयागराज में पिछले साल लगे कुंभ मेले में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु संगम आए थे जिसको संभालना पुलिस के लिए बहुत ही मुश्किल हो गया था। इस बार माघ मेले में उस तरह की भीड़ तो नहीं आएगी लेकिन लोग कम भी नहीं होंगे। श्रद्धालु बिना समस्या के और जाम में फंसे बिना माघ मेला पहुंचकर स्नान कर सकें, इसके लिए ADG ट्रैफिक  सतीश गणेश के निर्देशन में प्रयागराज की ट्रैफिक व्यवस्था में कई नए प्रयोग हुए हैं।
    Image Source : Repoters Input
    यूपी के प्रयागराज में पिछले साल लगे कुंभ मेले में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु संगम आए थे जिसको संभालना पुलिस के लिए बहुत ही मुश्किल हो गया था। इस बार माघ मेले में उस तरह की भीड़ तो नहीं आएगी लेकिन लोग कम भी नहीं होंगे। श्रद्धालु बिना समस्या के और जाम में फंसे बिना माघ मेला पहुंचकर स्नान कर सकें, इसके लिए ADG ट्रैफिक सतीश गणेश के निर्देशन में प्रयागराज की ट्रैफिक व्यवस्था में कई नए प्रयोग हुए हैं।
  • DCP ट्रैफिक नीरज पांडेय और एडिशनल डीसीपी पुष्कर वर्मा ने कई तरह की नई कार्य योजना बनाई हैं। पुलिस ने इस बात को भी ध्यान में रखा है कि गांव से आने वाले अधिकतर लोग पढ़े-लिखे नहीं होते तो उनको पार्किंग की पहचान करने में आसानी हो। इसके लिए सभी 42, मेला की पार्किंग में पशु-पक्षियों की फोटो बनाई गई हैं ताकि उसकी पहचान, लोग आसानी से कर लें। इसमें मोर, गिलहरी, सारस और बंदर वाली पार्किंग हैं।
    Image Source : Repoters Input
    DCP ट्रैफिक नीरज पांडेय और एडिशनल डीसीपी पुष्कर वर्मा ने कई तरह की नई कार्य योजना बनाई हैं। पुलिस ने इस बात को भी ध्यान में रखा है कि गांव से आने वाले अधिकतर लोग पढ़े-लिखे नहीं होते तो उनको पार्किंग की पहचान करने में आसानी हो। इसके लिए सभी 42, मेला की पार्किंग में पशु-पक्षियों की फोटो बनाई गई हैं ताकि उसकी पहचान, लोग आसानी से कर लें। इसमें मोर, गिलहरी, सारस और बंदर वाली पार्किंग हैं।
  • मान लीजिए कि अगर बंदर लगे बोर्ड पर वाहन खड़ा किया गया है तो अपने परिचित को वो ये बता सकता है कि बंदर वाली पार्किंग में आना है। इसके तहत हर रूट पर अलग-अलग रंग का साइनेज बोर्ड लगाया जा रहा है।
    Image Source : Repoters Input
    मान लीजिए कि अगर बंदर लगे बोर्ड पर वाहन खड़ा किया गया है तो अपने परिचित को वो ये बता सकता है कि बंदर वाली पार्किंग में आना है। इसके तहत हर रूट पर अलग-अलग रंग का साइनेज बोर्ड लगाया जा रहा है।
  • जैसे- कानपुर से आने वाले रूट पर पीला साइनेज बोर्ड लगा है तो वाराणसी रूट वाले साइनेज बोर्ड को नारंगी कलर दिया गया है। इसी तरह प्रतापगढ़ रूट पर ब्रॉउन और लखनऊ रूट पर ग्रीन कलर का साइनेज बोर्ड लगाया गया है।
    Image Source : Repoters Input
    जैसे- कानपुर से आने वाले रूट पर पीला साइनेज बोर्ड लगा है तो वाराणसी रूट वाले साइनेज बोर्ड को नारंगी कलर दिया गया है। इसी तरह प्रतापगढ़ रूट पर ब्रॉउन और लखनऊ रूट पर ग्रीन कलर का साइनेज बोर्ड लगाया गया है।
  • इस कलर कोडिंग का फायदा ये है कि जिस रूट से लोग आ रहें हैं उनको उसी रूट की पार्किंग मिल जाएगी ताकि वो अपने वाहनों को खड़ा करके मेले तक पहुंच जाएं। इससे वाहन खड़ा करके भूलने वाली समस्या भी खत्म हो जाएगी।
    Image Source : Repoters Input
    इस कलर कोडिंग का फायदा ये है कि जिस रूट से लोग आ रहें हैं उनको उसी रूट की पार्किंग मिल जाएगी ताकि वो अपने वाहनों को खड़ा करके मेले तक पहुंच जाएं। इससे वाहन खड़ा करके भूलने वाली समस्या भी खत्म हो जाएगी।
  • माघ मेले के काफी पहले से ही ट्रैफिक से जुड़े पुलिस अफसरों ने रिसर्च करके पूरा प्लान तैयार किया था, पुलिस ने इस बात को प्राथमिकता दी है कि स्नान करने के लिए बाहर से आने वाला श्रद्धालु परेशान ना हो।
    Image Source : Repoters Input
    माघ मेले के काफी पहले से ही ट्रैफिक से जुड़े पुलिस अफसरों ने रिसर्च करके पूरा प्लान तैयार किया था, पुलिस ने इस बात को प्राथमिकता दी है कि स्नान करने के लिए बाहर से आने वाला श्रद्धालु परेशान ना हो।
  • इसके लिए शहर के अंदर और शहर के बॉर्डर पर विशेष कार्य योजना बनाई गई है। एडिशनल डीसीपी पुष्कर वर्मा ने बताया कि श्रद्धालु बिना किसी समस्या के स्नान घाट तक पहुंच जाए यही प्रयास पुलिस का है।
    Image Source : Repoters Input
    इसके लिए शहर के अंदर और शहर के बॉर्डर पर विशेष कार्य योजना बनाई गई है। एडिशनल डीसीपी पुष्कर वर्मा ने बताया कि श्रद्धालु बिना किसी समस्या के स्नान घाट तक पहुंच जाए यही प्रयास पुलिस का है।