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पितृ पक्ष में नक्षत्रानुसार लगाएं ये पेड़-पौधे, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद, सौभाग्य में होगी वृद्धि

Written By: Acharya Indu Prakash, Edited By: Laveena Sharma
Published : Sep 07, 2025 01:51 pm IST,  Updated : Sep 07, 2025 01:51 pm IST
इस बार श्राद्ध के दौरान कृतिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र पड़ रहे हैं, लिहाजा आप इन नक्षत्रों के दौरान कुछ खास पेड़-पौधे को रोपित कर सकते हैं। इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ जाएगी।
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इस बार श्राद्ध के दौरान कृतिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र पड़ रहे हैं, लिहाजा आप इन नक्षत्रों के दौरान कुछ खास पेड़-पौधे को रोपित कर सकते हैं। इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ जाएगी।
कृत्तिका नक्षत्र 13 सितम्बर की सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध गूलर के पेड़ से है। लिहाजा कृतिका नक्षत्र के दौरान गूलर का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपकी समस्त इच्छाओं की पूर्ति होगी।
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कृत्तिका नक्षत्र 13 सितम्बर की सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध गूलर के पेड़ से है। लिहाजा कृतिका नक्षत्र के दौरान गूलर का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपकी समस्त इच्छाओं की पूर्ति होगी।
रोहिणी नक्षत्र 14 सितम्बर की सुबह 8 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध जामुन के पेड़ से है। लिहाजा 14 सितम्बर को रोहिणी नक्षत्र के दौरान जामुन का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपको अच्छी संतान की प्राप्ति होगी ।
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रोहिणी नक्षत्र 14 सितम्बर की सुबह 8 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध जामुन के पेड़ से है। लिहाजा 14 सितम्बर को रोहिणी नक्षत्र के दौरान जामुन का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपको अच्छी संतान की प्राप्ति होगी ।
मृगशिरा नक्षत्र 14 सितम्बर की सुबह 8 बजकर 41 मिनट से 15 सितम्बर की सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध खैर के पेड़ से है। लिहाजा मृगशिरा नक्षत्र के दौरान खैर का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपके अंदर अच्छे गुणों का विकास होगा।
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मृगशिरा नक्षत्र 14 सितम्बर की सुबह 8 बजकर 41 मिनट से 15 सितम्बर की सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध खैर के पेड़ से है। लिहाजा मृगशिरा नक्षत्र के दौरान खैर का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपके अंदर अच्छे गुणों का विकास होगा।
आर्द्रा नक्षत्र 15 सितम्बर की सुबह 7 बजकर 32 मिनट से 16 सितम्बर की सुबह 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध शीशम के पेड़ से है। लिहाजा आर्द्रा नक्षत्र के दौरान शीशम का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपको ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी।
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आर्द्रा नक्षत्र 15 सितम्बर की सुबह 7 बजकर 32 मिनट से 16 सितम्बर की सुबह 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध शीशम के पेड़ से है। लिहाजा आर्द्रा नक्षत्र के दौरान शीशम का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपको ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी।
पुनर्वसु नक्षत्र 16 सितम्बर की सुबह 6 बजकर 46 मिनट से 17 सितम्बर की सुबह 6 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध बांस के पेड़ से है। लिहाजा पुनर्वसु नक्षत्र के दौरान बांस का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपको शरीर के साथ-साथ मन की सुंदरता भी प्राप्त होगी ।
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पुनर्वसु नक्षत्र 16 सितम्बर की सुबह 6 बजकर 46 मिनट से 17 सितम्बर की सुबह 6 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध बांस के पेड़ से है। लिहाजा पुनर्वसु नक्षत्र के दौरान बांस का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपको शरीर के साथ-साथ मन की सुंदरता भी प्राप्त होगी ।
पुष्य नक्षत्र 17 सितम्बर की सुबह 6 बजकर 26 मिनट से 18 सितम्बर की सुबह 6 बजकर 33 मिनट तक रहेगा । इसका संबंध पीपल के पेड़ से है। लिहाजा पुष्य नक्षत्र के दौरान पीपल का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपको लंबी आयु की प्राप्ति होगी।
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पुष्य नक्षत्र 17 सितम्बर की सुबह 6 बजकर 26 मिनट से 18 सितम्बर की सुबह 6 बजकर 33 मिनट तक रहेगा । इसका संबंध पीपल के पेड़ से है। लिहाजा पुष्य नक्षत्र के दौरान पीपल का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपको लंबी आयु की प्राप्ति होगी।
मघा नक्षत्र 19 सितम्बर की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से 20 सितम्बर की सुबह 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध बरगद के पेड़ से है। लिहाजा मघा नक्षत्र के दौरान बरगद का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
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मघा नक्षत्र 19 सितम्बर की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से 20 सितम्बर की सुबह 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध बरगद के पेड़ से है। लिहाजा मघा नक्षत्र के दौरान बरगद का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र 20 सितम्बर की सुबह 8 बजकर 6 मिनट से 21 सितम्बर की सुबह 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध ढाक के पेड़ से है। लिहाजा पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के दौरान ढाक का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से सौभाग्य की प्राप्ति होगी।
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पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र 20 सितम्बर की सुबह 8 बजकर 6 मिनट से 21 सितम्बर की सुबह 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसका संबंध ढाक के पेड़ से है। लिहाजा पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के दौरान ढाक का पेड़ लगाने से और उसकी देखभाल करने से सौभाग्य की प्राप्ति होगी।
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