हिम्मतनगर: गुजरात के साबरकांठा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां नाबालिग छात्रों पर हमला करने के आरोप में 3 मदरसी शिक्षकों को गिरफ्तार किया गया है। शिक्षकों पर आरोप है कि उन्होंने न केवल छात्रों को पीटा बल्कि उन्हें परिसर में बंद भी रखा। मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता की उम्र 16 साल है। इस मदरसे के 31 अन्य नाबालिग छात्र बिहार से संबंधित हैं।
क्या है पूरा मामला?
मामला प्रांतिज कस्बे का है। यहां पुलिस ने 3 मदरसा शिक्षकों को गिरफ्तार किया है। मदरसा शिक्षकों पर आरोप है कि उन्होंने नाबालिग छात्रों की पिटाई की और उन्हें परिसर में ही बंद कर लिया। इस मामले में पुलिस उपाधीक्षक ए के पटेल का बयान भी सामने आया।
पुलिस उपाधीक्षक ए के पटेल ने बताया, 'सोमवार को मदरसे के आठ छात्र भाग निकले और उन्होंने उदयपुर जाने वाली ट्रेन के यात्रियों से मदद मांगी। शिकायत के आधार पर प्रांतिज पुलिस ने तीन मदरसा शिक्षकों के खिलाफ नाबालिग छात्रों की पिटाई करने और उन्हें परिसर में बंद रखने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। नाबालिग छात्रों ने हमें बताया कि उन्हें मामूली कारणों से पीटा गया और उन्हें परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।'
आरोपी मदरसा शिक्षकों की पहचान कर ली गई है। उनके नाम मुफ्ती यूसुफ, मौलवी मोहम्मद अनस मेमन और मौलवी मोहम्मद फहाद हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी शिक्षकों के खिलाफ मारपीट, गलत तरीके से बंधक बनाने और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।
मदरसा क्या होता है?
मदरसा एक इस्लामी शिक्षण संस्थान होता है, जहां मुख्य रूप से इस्लाम धर्म की शिक्षा दी जाती है। इसमें कुरान, हदीस, इस्लामी कानून (फिक्ह), अरबी भाषा, और अन्य धार्मिक विषयों का अध्ययन होता है। कुछ मदरसों में आधुनिक विषय जैसे गणित, विज्ञान, और भाषाएं भी पढ़ाई जाती हैं। (इनपुट: भाषा)


