चंडीगढ़ः हरियाणा में निकाय चुनावों का ऐलान हो चुका है और नामांकन की प्रकिया 21 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। पंचकूला, अंबाला और सोनीपत समेत सात म्युनिसिपल बॉडीज़ के लिए इस साल 10 मई को वोटिंग होनी है। मतगणना 13 मई को होगी। इसके लिए राज्य चुनाव आयोग की तैयारियां पूरी हो गई हैं।
21 से 25 अप्रैल के होगा नामांकन
स्टेट इलेक्शन कमिश्नर देवेंद्र सिंह कल्याण ने बताया कि नॉमिनेशन 21 से 25 अप्रैल के बीच फाइल किए जाएंगे और 28 अप्रैल को चुनाव निशान अलॉट किए जाएंगे। इन चुनावों में तीनों कॉर्पोरेशनों में मेयर और वार्ड मेंबर चुने जाएंगे, साथ ही रेवाड़ी म्युनिसिपल काउंसिल के प्रेसिडेंट और मेंबर, रोहतक में सांपला, रेवाड़ी में धारूहेड़ा और हिसार में उकलाना की म्युनिसिपल कमेटियों के भी चुनाव होंगे।
कौन सी सीट किसके लिए रिजर्व
जनवरी में हुए रिज़र्वेशन ड्रॉ में अंबाला मेयर की सीट बैकवर्ड क्लास की महिला के लिए रखी गई थी, जबकि पंचकूला और सोनीपत सभी कैटेगरी के कैंडिडेट चुनाव लड़ सकेंगे। रेवाड़ी में काउंसिल प्रेसिडेंट का पद शेड्यूल्ड कास्ट की महिला के लिए और उकलाना का पद जनरल कैटेगरी की महिला के लिए रिज़र्व किया गया है, जबकि सांपला और धारूहेड़ा के पद अनरिज़र्व रहेंगे।
2020 में कैसे थे चुनाव के नजीते
पिछले म्युनिसिपल चुनाव दिसंबर 2020 में हुए थे, जब बीजेपी और उसकी सहयोगी JJP ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन मिले-जुले नतीजे मिले थे। कांग्रेस ने सोनीपत मेयर की सीट जीती, जबकि बीजेपी को पंचकूला में मामूली जीत मिली। अंबाला हरियाणा जन चेतना पार्टी (JCP) के खाते में गया। यह पहली बार था जब इन तीन शहरों में सीधे मेयर के चुनाव हुए। बीजेपी ने रेवाड़ी नगर निकाय प्रमुख का पद हासिल किया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के समर्थन वाले एक निर्दलीय उम्मीदवार ने सांपला में जीत हासिल की। JJP को उकलाना और धारूहेड़ा में झटका लगा था।
म्युनिसिपल पॉलिटिक्स में बीजेपी का दबदबा
अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल बदल गया। कांग्रेस से सोनीपत के तत्कालीन मेयर निखिल मदान बीजेपी में शामिल हो गए और सोनीपत विधानसभा सीट जीत ली। अंबाला में शक्ति रानी शर्मा, जो हरियाणा जन चेतना पार्टी की नेता के तौर पर मेयर रह चुकी थीं, भी बीजेपी में शामिल हो गईं और कालका विधानसभा सीट जीत ली। इन कदमों ने बीजेपी को लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में मदद की। मार्च 2025 में बीजेपी ने म्युनिसिपल पॉलिटिक्स में अपना दबदबा मज़बूत किया। मेयर के दस में से नौ चुनाव जीते, सिर्फ़ मानेसर में एक इंडिपेंडेंट कैंडिडेट को जीत मिली। पार्टी के कैंडिडेट ने गुड़गांव, फरीदाबाद, अंबाला, हिसार, करनाल, रोहतक, पानीपत, सोनीपत और यमुनानगर में कांग्रेस के विरोधियों को हराकर जीत हासिल की थी।