हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहाड़ी राज्यों के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कुछ नदियों के जलस्तर में वृद्धि के मद्देनजर रविवार को कहा कि उनकी सरकार सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा में 31 अगस्त से दो सितंबर तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जबकि तीन सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है।
हरियाणा में अगस्त में 194.5 मिमी बारिश हुई, जबकि इस महीने औसत बारिश 147.7 मिमी होती है, जो 32 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। हरियाणा में, 22 जिलों में से 18 में इस महीने अधिक बारिश हुई, जबकि भिवानी और अंबाला समेत चार जिलों में कम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में पिछले 25 वर्षों में केवल पांच बार अगस्त में अधिक बारिश हुई है, जिसमें मौजूदा महीना भी शामिल है। पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में अगस्त में 308.5 मिमी बारिश हुई, जबकि इस माह सामान्यतः 248.8 मिमी बारिश होती है, जो आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
उफान पर कई नदियां
सतलुज, व्यास व रावी नदियां और छोटी मौसमी नदियां, जलग्रहण क्षेत्रों में हाल ही में हुई बारिश के बाद उफान पर हैं, जिससे पड़ोसी राज्य पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। सैनी ने कुरुक्षेत्र के द्रोणाचार्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में ‘साइक्लोथॉन’ कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में जनता से ऐसे खराब मौसम में सतर्क रहने और पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने से बचने की अपील की। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राज्य के सभी उपायुक्तों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में नदियों के किनारे बसे इलाकों की निगरानी करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा अधिकारियों को नदी किनारे बसे गांवों, बस्तियों और कॉलोनियों के लिए पहले से ही एक ठोस कार्य योजना तैयार करने को कहा गया था।
विपक्ष पर साधा निशाना
सैनी ने रविवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर देश का मान बढ़ाया है और केंद्र व राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों ने गरीबों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिसे विपक्ष पचा नहीं पा रहा है। मुख्यमंत्री ने बिहार में कांग्रेस की हालिया ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री की मां के लिए कथित तौर पर अपशब्दों के प्रयोग के लिए भी विपक्ष की आलोचना की। बिहार में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को अपने कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों और उपलब्धियों के बारे में बात करनी चाहिए। सैनी ने कहा, “अगर उन्होंने (विपक्षी दलों ने) तब काम किया होता, तो आज वे ईवीएम को दोष नहीं दे रहे होते।”