पंचकूलाः पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने पंचकूला सीबीआई अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें मानेसर में एक भूमि सौदे के मामले में सुनवाई स्थगित करने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। सीबीआई कोर्ट के आदेश के तहत हुड्डा के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती। इसी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हाई कोर्ट गए थे लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
एक दिसंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
याचिका खारिज किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आगे क्या कदम उठाएंगे यह निर्णय अभी लेना बाकी है। हुड्डा के वकील अभिषेक राणा ने कहा हाई कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी को पढ़ने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। सीबीआई कोर्ट में मानेसर लैंड स्कैम मामले में अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी।
2015 में हुड्डा के खिलाफ दर्ज किया था मामला
यह मामला अगस्त 2015 में राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही रोकने से संबंधित एक प्राथमिकी से जुड़ा है। यह मामला गुरुग्राम जिले के मानेसर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। जांच सीबीआई को हस्तांतरित कर दी गई, जिसने 15 सितंबर, 2015 को मामला दर्ज किया।
हाई कोर्ट में हुड्डा ने दाखिल की थी याचिका
2005 से 2014 तक मुख्यमंत्री रहे हुड्डा ने आरोप तय करने की प्रक्रिया स्थगित करने की उनकी याचिका खारिज करने वाले पंचकूला सीबीआई अदालत के 19 सितंबर के आदेश को रद्द करने की मांग की है। सीबीआई अदालत ने आरोप तय करने की प्रक्रिया 30 अक्टूबर से शुरू करने की तारीख तय की थी, लेकिन हुड्डा ने निचली अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी।
रिपोर्ट- उमंग श्योराण, पंचकूला