करनाल के निसिंग थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर ठग खुद को केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कथित आयोग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताकर लोगों को ठग रहा था। 26 मार्च को गांव ब्रास के मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उसके VIP आगमन की सूचना ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस जब सुरक्षा व्यवस्था के लिए पहुंची, तो वहीं से शक की शुरुआत हुई। मौके पर एक गाड़ी पर लगी बत्ती और हूटर, साथ में कमांडो वर्दी में खड़ा गनमैन। यह सब देखकर पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। आमतौर पर इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था केवल अधिकृत सरकारी VIP को ही मिलती है। यहीं से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ शुरू की।
खुद को VIP बताने वाला रिंकू सैनी पहले तो पुलिस सुरक्षा का दावा करता रहा, लेकिन जब उसके साथ खड़े गनमैन से पूछताछ हुई तो उसने खुद को निजी गनमैन बताया। इसके बाद पूरा खेल सामने आने लगा और पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की। कई जिलों में फैला ठगी का जाल जांच में सामने आया कि बीबीपुर जाटान का रहने वाला रिंकू सैनी पहले से ही ठगी के कई मामलों में शामिल रहा है। अंबाला, कैथल, जींद, करनाल समेत कई जिलों में उसके खिलाफ केस दर्ज हैं। यहां तक कि उड़ीसा में भी वह VIP बनकर एस्कॉर्ट की मांग कर चुका है। उसका तरीका एक ही था। पहले रौब जमाओ, फिर भरोसा जीतकर ठगी करो।
इवेंट के नाम पर भी लोगों को लगाया चूना
करनाल में पंजाबी सिंगर बबू मान के नाम पर आयोजित एक कार्यक्रम में भी टिकट के नाम पर ठगी का मामला सामने आया। शो से पहले ही कलाकार के घायल होने का बहाना बनाकर कार्यक्रम रद्द कर दिया गया और पैसा हजम। समालखा में एक शोरूम उद्घाटन के दौरान भी आरोपी ने खुद को सरकारी प्रतिनिधि बताकर लोगों को प्रभावित किया। वह हर जगह अपनी पहचान बदलता और सरकारी रौब दिखाकर विश्वास जीतता था। फर्जी आयोग के नाम पर बड़ा खेल पुलिस जांच में साफ हुआ कि जिस आयोग का वह राष्ट्रीय अध्यक्ष होने का दावा करता था, उसका कोई अस्तित्व ही नहीं है। आरोपी इसी झूठ के आधार पर लोगों को नौकरी, ट्रांसफर और विदेश भेजने के नाम पर ठगता था।
गाड़ी बनी सबूतों का खजाना
तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी की गाड़ी से कई ट्रांसफर नोट, जॉइनिंग लेटर और अन्य संदिग्ध दस्तावेज मिले। इससे साफ हुआ कि यह ठगी छोटे स्तर की नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रिंकू सैनी के साथ उसके गनमैन महेंद्र (पानीपत) और ड्राइवर विकास (महेंद्रगढ़) को गिरफ्तार किया है। गनमैन के पास मिला हथियार रजिस्टर्ड तो था, लेकिन उसमें बदलाव किया गया था। तीनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
हो सकते हैं बड़े खुलासे
रिंकू सैनी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को बेगुनाह बताया है। उसका कहना है कि उसे फंसाया जा रहा है और वह पहले भी कई मामलों में बरी हो चुका है। साथ ही उसने आने वाले समय में कुछ नाम उजागर करने की बात भी कही है। जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि इस ठगी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
(करनाल से अमित भटनागर की रिपोर्ट)