सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक गिरोह ने हरियाणा के करनाल में पंजाबी अभिनेता-गायक दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर के बाहर गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया है। हालांकि, हरियाणा पुलिस ने बुधवार को कहा कि उसे मैनेजर गुरप्रताप सिंह कांग या उनके परिवार से कोई शिकायत नहीं मिली है।
करनाल के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया ने कहा, 'परिवार की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है।'उन्होंने बताया कि पुलिस की एक टीम कांग के गांव गोंडर, करनाल गई थी और प्रारंभिक जांच के अनुसार, घटनास्थल से कुछ भी बरामद नहीं हुआ।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े इन लोगों ने ली जिम्मेदारी
सोशल मीडिया पोस्ट में बिश्नोई के सहयोगी टायसन बिश्नोई, आरजू बिश्नोई और हरि बॉक्सर ने कथित तौर पर गोंडर गांव में कांग के घर के बाहर हुई गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी ली है।
दोसांझ को बीजेपी में शामिल होने का मिला था ऑफर
इस बीच, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले भाजपा ने दोसांझ को पार्टी में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद दोसांझ के मैनेजर पर हमला हुआ और इसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने ली है।
पंजाब विरोधी चेहरा बेनकाब
चीमा ने आरोप लगाते हुए कहा, 'इससे पता चलता है कि भाजपा गैंगस्टरों का इस्तेमाल करके मशहूर हस्तियों और व्यापारियों को डराने की कोशिश कर रही है। इसका पंजाब विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है।'
दोसांझ ने पॉलिटिकल पार्टी में आने से किया था इन्कार
इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मंत्री ने कहा, 'घटनाक्रम सबके सामने स्पष्ट है। भाजपा ने दिलजीत दोसांझ को अपने साथ जुड़ने के लिए कहा, जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से अस्वीकार कर दिया। कुछ दिनों बाद, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने 'संदेश ' देने के लिए उनके मैनेजर के घर पर हमला किया।'
चीमा ने और भी लगाए गंभीर आरोप
चीमा ने भाजपा पर बिश्नोई के मामले में न्याय के हर रास्ते में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'भाजपा सरकार क्या करती है? वह लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ के हर गंभीर प्रयास को रोकती है, उसे गुजरात में सुरक्षा देती है और एक अपराधी की बजाय राज्य के एजेंट की तरह व्यवहार करती है।'
पंजाब को नहीं कराया जा सकता चुप
इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'यह कानून-व्यवस्था नहीं है। यह भाजपा के सामने झुकने से इनकार करने वाले पंजाबियों को डराने-धमकाने के लिए गुंडों का हथियार के रूप में इस्तेमाल है। एक कायरतापूर्ण, प्रतिशोधी और घोर पंजाब-विरोधी मानसिकता पूरी तरह से प्रदर्शित हो रही है। पंजाब को चुप नहीं कराया जा सकता है।'
इनपुट- PTI
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