हरियाणा के फरीदाबाद में मंगलवार को एक शख्स ने चार बच्चों के साथ ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। सुसाइड से पहले उसने बच्चों को कोल्ड ड्रिंक और चिप्स भी दिलाए थे। ट्रेन आने पर बच्चों ने बचने की कोशिश भी की लेकिन शख्स ने बाहों में जकड़ लिया और एक साथ ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पूरा मामला बल्लभगढ़ क्षेत्र का बताया जा रहा है। बिहार के रहने वाले 45 वर्षीय मनोज महतो की उसकी पत्नी प्रिया से किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी। मंगलवार सुबह दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद महतो ने कहा कि वह बच्चों को पार्क ले जा रहा है और घर से निकल गया।
पुलिस ने बताया कि स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर पहले महतो को रेलवे ट्रैक पर चलते हुए देखा गया। वह दो बच्चों को कंधे पर उठाए हुए था और दो बच्चों का हाथ पकड़े हुए था। लोको पायलट ने दूर से कई बार हॉर्न बजाया, लेकिन महतो ट्रैक से नहीं हटा। बच्चो भागने लगे तो उसने उनको बाहों में जकड़ लिया। ट्रेन के नजदीक आते ही वह अपने चार बच्चों पवन (10), करु (9), मुरली (5) और छोटू (3) के साथ ट्रेन के सामने कूद गया। यह घटना अपराह्न करीब 12 बजकर 55 मिनट पर घटी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को ट्रैक से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पंचकूला में एक परिवार के 7 लोगों ने किया सुसाइड
इस घटना ने हाल ही में पंचकूला में हुई घटना की यादें ताजा कर दी। पिछले दिनों पंचकूला में भी एक ही परिवार के 7 लोगों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली थी। मृतकों में प्रवीण मित्तल, उनकी पत्नी रीना, उनके तीन बच्चे और प्रवीण के माता-पिता शामिल थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार, परिवार ने जहर खाकर आत्महत्या की थी। मौके से दो सुसाइड नोट भी बरामद हुए थे, जिनमें प्रवीण मित्तल ने कर्ज और आर्थिक तंगी को आत्महत्या का कारण बताया। परिवार मूल रूप से हिसार के बरवाला का रहने वाला था, लेकिन पिछले 12 साल से पंचकूला में रह रहा था। (भाषा इनपुट्स के साथ)
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