गुरुग्रामः दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में कभी बिल्डरों की मनमानी तो कभी RWA के नए फरमान और नई नीति से लगातार लोग परेशान हो रहे हैं। ताजा मामला गुरुग्राम के सोहना रोड स्थित उप्पल साउथ एंड सोसायटी का है, जहां RWA ने मेंटेनेंस वसूलने के लिए लोगों के साथ सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इतना ही नहीं RWA की तरफ से उन लोगों के नाम भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं, जो की मेंटेनेंस के डिफाल्टर हैं।
RWA ने मेंटेनेंस ना देने वालों का नाम सरेआम बोर्ड पर चिपकाया
सोसायटी के बाहर बड़े बोर्ड पर करीब 429 ऐसे नाम को दर्शाया गया है, जिन्होंने अब तक मेंटेनेंस नहीं भरा है। इतना ही नहीं सख्ती बरतते हुए RWA की टीम ने इन घरों में मेड और डिलीवरी बॉय पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है ताकि लोग जलील व परेशान हो सके और मेंटेनेंस दे दें। ओपल साउथ एंड सोसाइटी की आरडब्ल्यूए की बात करें तो उनका यही कहना है कि लगातार समिति को मेंटेन करने के लिए खर्च की जरूरत है और लोग पैसा दे नहीं रहे हैं। इसकी वजह से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है और लोगों को सुविधा नहीं दी जा रही है।
लोगों की डिफाल्टर की लिस्ट S और w ब्लॉक की RWA की तरफ से लगाई गई है। कुछ लोगों ने जलील होकर मेंटेनेंस भर दिया और डिफॉल्टरों की लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया। हालांकि RWA की कोशिश यही है कि ज्यादा से ज्यादा और जल्द से जल्द लोगों से मेंटेनेंस वसूला जा सके ताकि समिति को मैनेज किया जा सके। यहां करीब 1200 से ज्यादा परिवार रहते हैं और 429 लोग ऐसे डिफाल्टर है जो मेंटेनेंस नहीं भरते और उन्हें लोगों को से मेंटेनेंस वसूलने के लिए सख्ती का रुख अख्तियार किया गया है।

RWA की तरफ से आया ये बयान
RWA का कहना है कि वसूली अभियान पहले से ही चल रहा है। RWA अध्यक्ष ने कहा कि सोसाइटी महीनों से बकाया राशि वसूलने की कोशिश कर रही है और उसने निवासियों को अपने भुगतान चुकाने के लिए बार-बार याद दिलाया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू कामगारों या गिग डिलीवरी कर्मियों के प्रवेश पर प्रतिबंध अभी तक लागू नहीं किया गया है।
स्थानीय निवासियों ने कही ये बातें
स्थानीय निवासियों ने कहा कि ऐसा नोटिस लगाने से पहले निवासियों से संपर्क करना चाहिए था और उनकी शिकायतों को समझने की कोशिश करनी चाहिए थी। दूसरे निवासियों ने भी यह तर्क दिया कि सेवाओं को रोकना या डिफ़ॉल्ट करने वालों के नाम सार्वजनिक करना सोसायटी के भीतर तनाव बढ़ा सकता है।
रिपोर्ट- गोहित कौशिक