बॉर्डर पर पाकिस्तान लगातार उकसावे की कार्रवाई कर रहा है। ऐसे हालात से निपटने के लिए भारत पहली बार सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल करके लोगों की सुरक्षा को पुख्ता करने जा रहा है। 7 मई को देश में मेगा सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल होने जा रही है और बकायदा इसके लिए गृह मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं। देश के सभी राज्यों से इफेक्टिव सिविल डिफेंस के लिए मॉक ड्रिल करने को कहा गया है। इस सुरक्षा मॉक ड्रिल में हमले में खुद को बचाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान छात्रों और सिविल डिफेंस से जुड़े लोगों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये इसलिए किया जा रहा है ताकि युद्ध के हालात में लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। तो तैयार हो जाइए, हर हालात से निपटने के लिए, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जबाव देने के लिए। जिस तरह हमारी वीर सेना तैयार है, उसी तरह आप भी कमर कस लीजिए। आपको सिर्फ और सिर्फ अपनी सुरक्षा तय करनी है। और ये तब तक नहीं होगा, जब तक कि आप अपनी सेहत का ख्याल नहीं रखेंगे, देश पर से बीमारी का बोझ कम नहीं करेंगे। तो चलिए योगगुरु स्वामी रामदेव के साथ मिलकर सेहत-ताकत के लिए योग करते हैं ताकि देश के बाहर ही नहीं, देश के अंदर भी पूरी मजबूती से हम अपना दम दिखा सकें।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अचानक टेंपरेचर चेंज से एलर्जी ट्रिगर होती है जिससे सांस की नली में सूजन आती है, नमी और पोलन से रेस्पिरेटरी ट्रैक ब्लॉक हो जाता है जो अस्थमा पेशेंट्स की तकलीफ बढ़ा देता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इस मौसम में 30 परसेंट तक दमा के मरीज बढ़ जाते हैं जबकि पहले ही दुनिया के 10 प्रतिशत एस्थमेटिक अकेले भारत में हैं। उसमें भी डरने वाली बात ये है कि इनमें 15 परसेंट 5 से 11 साल के छोटे बच्चे हैं। तो चलिए, आज 'वर्ल्ड अस्थमा डे' के मौके पर लंग्स और रेस्पिरेटरी ट्रैक को हेल्दी बनाने के उपाय स्वामी रामदेव से जानते हैं ताकि मौसम का लुत्फ हर कोई उठा सके।
तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे, मैं एक शाम चुरा लूं, अगर बुरा न लगे। इन दिनों दिल्ली-NCR वालों की तो चांदी है। कहां गर्म हवा झुलसा रही थी, हीटवेव डरा रही थी, सांस लेना मुहाल था और फिर अचानक किसी जादू की तरह सब कुछ बदल गया। रिमझिम बारिश, सुकून देने वाली साफ और ठंडी हवा, हर तरफ हरियाली ही हरियाली। मुफीद मौसम-साफ हवा, ऐसे ही मिलती रहे तो फिर आधी बीमारी वैसे ही दूर हो जाएंगी। लेकिन ये मुमकिन नहीं है क्योंकि मौसम में तेजी से होने वाले अप्रत्याशित बदलाव बीमारी बढ़ा रहे हैं। तापमान में अचानक भारी उतार-चढ़ाव अब नई चुनौती बन रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इसे 'रैपिड टेंपरेचर फ्लिप्स' कहा है जिसका हमला सबसे ज्यादा लंग्स को झेलना पड़ता है। भले ही मौसम अभी सुहाना है लेकिन आने वाले दो-चार दिनों में गर्मी तो बढ़ेगी, उमस भी होगी, धूल भरी हवा-आंधी भी चलेगी, पोलन तो वैसे ही है जो सांस के मरीजों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा रहे हैं।
मौसम में अचानक बदलाव खतरनाक!
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रैपिड टेंपरेचर फ्लिप्स हेल्थ सेक्टर के लिए चुनौती
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तापमान में उतार-चढ़ाव से बढ़ा इंफेक्शन का डर
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एलर्जी से सांस की परेशानी COPD होने का खतरा
दिल्ली की हवा साफ
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तारीख - AQI
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2 मई 95
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3 मई 128
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4 मई 126
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5 मई 97
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AQI के लिहाज से अब तक 2025 बेहतर
डस्ट एलर्जी
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तेज सिरदर्द
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लगातार छींक आना
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नाक में सूजन
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आंखों में जलन
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सर्दी-ज़ुकाम
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लगातार खांसी
अस्थमा पेशेंट सावधान!
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ठंडे-गर्म मौसम से एलर्जी
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एलर्जी से सांस की नली में सूजन
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नमी-पोलन से रेस्पिरेटरी ट्रैक जाम
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अस्थमा अटैक का डर
गौर करने वाली बात
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गर्मी में 30% बढ़ते हैं अस्थमा के मरीज
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अस्थमा के मरीज भारत में
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3 करोड़ से ज्यादा मरीज
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कुल आबादी के 8% अस्थमेटिक
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भारत में दुनिया के 10% मरीज
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अस्थमा के मरीजों में 15% बच्चे
अस्थमा की परेशानी, सांसों पर इमरजेंसी
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मौसम बदलना
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एलर्जी
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हॉर्मोनल चेंज
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ज्यादा टेंशन
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प्रदूषण
अस्थमा के लक्षण
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बार-बार खांसी आना
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देर तक खांसी होना
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ब्रीदिंग में सीटी जैसी आवाज
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चेस्ट में जकड़न-भारीपन
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सांस फूलना
अस्थमा में आराम
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गुनगुना पानी पिएं
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भरपूर नींद लें
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गिलोय का काढ़ा पिएं
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तुलसी के पत्ते चबाएं
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अनुलोम-विलोम करें
लंग्स हेल्दी बनाएं
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बेसन की रोटी
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भुना चना लें
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मुलेठी चबाएं
फेफड़े बनेंगे फौलादी, क्या करें?
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रोज प्राणायाम करें
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दूध में हल्दी-शिलाजीत लें
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त्रिकुटा पाउडर लें
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गर्म पानी पिएं
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तला खाने से बचें
अस्थमा में रामबाण
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100 ग्राम बादाम लें
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20 ग्राम काली मिर्च लें
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50 ग्राम शक्कर लें
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बादाम, काली मिर्च, शक्कर मिला लें
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दूध के साथ 1 चम्मच खाने से फायदा
हल्दी है रामबाण
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दूध में कच्ची हल्दी पकाएं
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हल्दी-दूध में शिलाजीत मिलाएं
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हल्दी दूध लंग्स के लिए फायदेमंद
गले में एलर्जी
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नमक पानी से गरारा
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बादाम तेल से नस्यम
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मुलेठी चूसने से फायदा
आंखों में जलन का इलाज
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ठंडे पानी से आंखें धोएं
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गुलाब जल आंखों में डालें
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दूध-महात्रिफला घी खाएं
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