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क्या हीट वेव से बढ़ जाती है अस्थमा के मरीजों की परेशानी? एक्सपर्ट बता रहे हैं गर्मियों में कैसे रखें फेफड़ों को सुरक्षित?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : May 05, 2025 11:43 pm IST,  Updated : May 05, 2025 11:43 pm IST

चिलचिलाती गर्मी का प्रभाव अस्थमा पीड़ितों के लिए सबसे घातक हो सकता है। प्रदूषण स्तर और एलर्जी के साथ शुष्क गर्मी बड़े पैमाने पर अस्थमा के दौरे ला सकती है

अस्थमा - India TV Hindi
अस्थमा Image Source : SOCIAL

चिलचिलाती गर्मी का प्रभाव अस्थमा पीड़ितों के लिए सबसे घातक हो सकता है। प्रदूषण स्तर और एलर्जी के साथ शुष्क गर्मी बड़े पैमाने पर अस्थमा के दौरे ला सकती है, यहां तक ​​कि उन लोगों में भी जिनके लक्षण लंबे समय से अच्छी तरह से नियंत्रित थे। हीटवेव अस्थमा में कैसे योगदान करते हैं, आपको समय से पहले तैयार होने और हमलों को घातक बनने से रोकने में मदद कर सकता है।

हीटवेव अस्थमा के हमलों का कारण कैसे बनती है?

डॉ सुचिता पंत, एसोसिएट कंसल्टेंट - पल्मोनोलॉजी, मणिपाल अस्पताल, द्वारका, नई दिल्ली के अनुसार, हीटवेव में अस्थमा के हमलों के खतरे को काफी हद तक बढ़ाने की क्षमता है। हीटवेव और वायु प्रदूषण अस्थमा के लक्षणों को सक्रिय करने के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा, तीव्र गर्मी से गर्म, शुष्क हवा श्वसन पथ को सूजन और डिहाइड्रेशन कर सकती है, जिससे ब्रोन्कोस्पास्म या वायुमार्ग की मांसपेशियों में अचानक संकुचन हो सकता है। डिहाइड्रेशन, गर्मी का एक और आम दुष्प्रभाव है, जो फेफड़ों में बलगम को गाढ़ा कर सकता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। 

गर्मियों में अस्थमा से कैसे करें बचाव?

  • जब तमापन गर्म हो तब घर में रहें: सुबह जल्दी या देर शाम को जब तापमान कम हो, तब बाहरी गतिविधियों का समय निर्धारित करें। इनडोर स्थानों को ठंडा रखने के लिए ब्लाइंड या पर्दे का उपयोग करें।

  • घर के अंदर ठंडा वातावरण बनाएँ: पंखे, एयर कंडीशनर या ठंडे शावर का उपयोग करें। यदि संभव हो, तो घर के अंदर की धूल और एलर्जी को कम करने के लिए एयर प्यूरीफायर खरीदें।

  • खूब पिएं पानी: दिन भर पानी पीते रहें, भले ही आपको प्यास न लगे। निर्जलीकरण वायुमार्ग में बलगम को गाढ़ा बनाता है, जिससे अस्थमा के लक्षण बढ़ जाते हैं।

  • AQI की निगरानी करें: प्रदूषण को ट्रैक करने के लिए AQI India, SAFAR-Air या स्थानीय मौसम संसाधनों जैसे ऐप का उपयोग करें। अगर हवा दूषित है तो बाहर जाने से बचें।

  • चिकित्सा जांच: गर्मी की शुरुआत से पहले, अपनी दवाओं के बारे में अपने चिकित्सक से जाँच करवाएँ। यदि आवश्यक हो तो खुराक या दवाएँ बदलें ताकि आप अधिक गंभीर स्थितियों के लिए खुद को तैयार कर सकें।

  • बाहर मास्क या स्कार्फ़ पहनें: मास्क (यदि उपलब्ध हो तो N95) पहनने से एलर्जी और प्रदूषक दूर रहेंगे। नाक और मुँह पर हल्का सा सूती स्कार्फ़ पहनना भी सुरक्षात्मक हो सकता है।

  • धूप में व्यायाम करने से बचें: यदि व्यायाम आपकी दिनचर्या का हिस्सा है, तो इसे घर के अंदर या सुबह करें। गर्म तापमान के दौरान उच्च-प्रभाव वाली शारीरिक गतिविधि को छोड़ देना चाहिए।

  • घर में एलर्जी का प्रबंधन करें: नियमित रूप से बिस्तर साफ करें, HEPA फ़िल्टर वाले कालीनों को वैक्यूम करें और ऐसे इनडोर पौधों से बचें जिनमें फफूंद या पराग हो सकते हैं।

अस्थमा के रोगियों के लिए हीटवेव खतरनाक होती है, लेकिन यदि वे ठीक से तैयार और सूचित हों, तो उनके प्रभावों को नियंत्रित किया जा सकता है। यदि समय रहते सावधानी और देखभाल की जाए तो अत्यधिक गर्मी में भी अस्थमा को अनियंत्रित होने की आवश्यकता नहीं है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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