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डायबिटीज से बढ़ रहा है लिवर की इन बीमारियों का खतरा, नहीं दिखते कोई लक्षण, साइलेंटली हो रहा है अटैक

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Apr 07, 2026 07:21 am IST,  Updated : Apr 07, 2026 07:21 am IST

Diabetes Effect On Liver: डायबिटीज ऐसी बीमारी है जो लिवर पर बुरा असर डालती है। एक स्टडी में पाया गया है कि टाइप-2 डायबिटीज के मरीज का लिवर इन दो बीमारियों से जूझ रहा होता है। इससे लिवर डैमेज तक का खतरा बढ़ जाता है।

डायबिटीज और लिवर- India TV Hindi
डायबिटीज और लिवर Image Source : FREEPIK

डायबिटीज को साइलेंट किलर कहा जाता है। मरीज का ब्लड शुगर बढ़ने से शरीर के दूसरे अंग धीरे-धीरे प्रभावित होने लगते हैं। इसलिए सिर्फ शुगर चेक कराते रहना जरूरी नहीं है। बल्कि ऐसे लोगों को अपने शरीर के दूसरे अंगों की भी अच्छी तरह से जांच करानी चाहिए। एक नई स्टडी में पाया गया है कि टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में लिवर की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। वडोदरा के एसएसजी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज की इस स्टडी में पाया गया कि डायबिटीज से लिवर फाइब्रोसिस या लिवर सिरोसिस का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अगर समय पर ध्यान नहीं दिया तो इससे लिवर फेल होने तक का खतरा बढ़ सकता है।

डायबिटीज और लिवर का कनेक्शन

द लैंसेट रीजनल हेल्थ, साउथईस्ट एशिया (अप्रैल 2026) में छपी इस स्टडी के मुताबिक, 4 में से 1 डायबिटीज मरीज को लिवर फाइब्रोसिस की गंभीर समस्या है, वहीं हर 20 में से 1 को लिवर सिरोसिस हो सकता है। गंभीर बात ये है कि इसके कोई लक्षण भी नजर नहीं आते हैं। डायबिटीज की वजह से लिवर में सूजन आने लगती है जिसे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) कहा जाता है। खतरनाक बात ये है कि इसका पता रूटीन ब्लड टेस्ट या अल्ट्रासाउंड में नहीं चल पाता है। गंभीर स्थिति में पहुंचने पर लिवर में दर्द या पीलिया जैसे लक्षण सामने आते हैं। लेकिन इस स्थिति में मरीज का लिवर काफी हद तक डैमेज हो चुका होता है। इसलिए इसे साइलेंट किलर माना जाता है।

क्या है डायबिटीज को लेकर नई रिसर्च

वडोदरा के मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन डिपार्टमेंट ने टाइप-2 डायबिटीज के ऐसे मरीजों को इस स्टडी में शामिल किया गया था, जिनमें लिवर की बीमारी के कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे थे। जब इन लोगों के फाइब्रोस्कैन टेस्ट किए गए तब पता चला कि कई मरीजों के लिवर में फैट जमा था और साथ ही टिश्यूज सख्त हो गए थे जिसे फाइब्रोसिस की कैटेगरी में रखा जाता है।

डायबिटीज से लिवर फाइब्रोसिस और लिवर सिरोसिस का खतरा

रिसर्च में 9000 से अधिक टाइप-2 डायबिटीज मरीजों को शामिल किया गया था। इन लोगों को पिछले रिकॉर्ड्स और स्क्रीनिंग डेटा का खास एनालेसिस किया गया था। इस डेटा से पता चला कि डायबिटीज के 26% मरीजों में फाइब्रोसिस के लक्षण थे। वहीं 14% लोगों में स्थिति काफी गंभीर लेवल पर थी। जबकि 5% मरीज 'सिरोसिस' की स्थिति में पहुंच चुके थे। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि सिर्फ फैटी लिवर वालों को ही ये शिकायत नहीं थी बल्कि जिन लोगों को लिवर से जुड़ी कोई समस्या नहीं है उनका भी लिवर डैमेज हो रहा है।

 

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