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जौ की रोटी के साथ गुड़ और घी खाने से सेहत को मिलते हैं कई बेहतरीन फायदे, जानें कैसे बनाएं ये चपाती?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Jul 29, 2025 01:15 pm IST,  Updated : Jul 29, 2025 01:17 pm IST

जौ, अपने पोषण गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें फाइबर, खासकर बीटा-ग्लूकेन, प्रचुर मात्रा में होता है, जो हृदय, पाचन और रक्त शर्करा के लिए भी अच्छा होता है।

जौ की रोटी खाने के फायदे- India TV Hindi
जौ की रोटी खाने के फायदे Image Source : SORA AI

जौ, एक ऐसा अनाज है जो अपने पोषण से भरपूर गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें फाइबर, खासकर बीटा-ग्लूकेन, प्रचुर मात्रा में होता है, जो हृदय, पाचन और रक्त शर्करा के लिए भी अच्छा होता है। यह प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट का भी एक बेहतरीन स्रोत है। भारत में, इसका सेवन ज़्यादातर रोटी और दलिया के रूप में किया जाता है। एक अध्ययन के अनुसार, इसमें घुलनशील फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है जो रक्त कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है।

आयुर्वेद क्या कहता है?

आयुर्वेद के अनुसार, जौ अपने शीतल और डिटॉक्सिफेशन गुणों के लिए जाना जाता है। और जौ का सेवन करने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसके आटे से रोटी बनाकर घी और गुड़ के साथ इसका आनंद लें। चलिए जानते हैं गुड़ और घी के साथ इसे खाने से कौन से फायदे मिलते हैं और इसकी चपाती कैसे बनाएं?

जौ की रोटी कैसे बनाएँ?

एक कटोरे में 1 कप जौ का आटा और एक चुटकी नमक डालें। गरम पानी डालें और आटा गूंथने के लिए मिलाएँ। एक बार हो जाने पर, आटे को 10 मिनट के लिए रख दें। रोटियाँ बेलकर तवे पर पकाएँ और ऊपर से थोड़ा सा घी और गुड़ डालकर गरमागरम परोसें।

इस मिश्रण से कौन से फायदे होते हैं?

आयुर्वेद के अनुसार, घी जौ के बेहतर पाचन में मदद करता है। यह आंतों के लिए चिकनाई का काम करता है। एक अध्ययन के अनुसार, घी में विटामिन K की मात्रा होने के कारण यह कैल्शियम के अवशोषण में सहायता करता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने  में अहम भूमिका निभाता है। आयुर्वेद के अनुसार, घी गर्मी प्रदान करता है और वात को भी शांत करने में मदद करता है। 

वहीं गुड़ की बात करें तो यह , श्वसन तंत्र को साफ़ करता है। लीवर को मज़बूत बनाने और विषाक्त पदार्थों के जमाव को कम करने में भी मदद करता है। एक अध्ययन के अनुसार, यह फेफड़ों और श्वसन तंत्र को साफ़ करने में मदद करता है, जिससे जलन और खांसी कम होती है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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