इलायची एक ऐसा मसाला है जो किसी भी खाने का स्वाद 4 गुना बढ़ा देता है। इसका इस्तेमाल नमकीन से लेकर मीठे फूड्स में खूब किया जाता है। इसे खीर के अलावा बिरयानी और सब्जियों में भी डालते हैं। इलायची, साबुत और पिसी हुई दोनों आमतौर पर खाना पकाने में इस्तेमाल की जाती है। इलायची भी दो तरह की होती है पहवी हरी इलायची और दूसरी काली इलायची। इलायची न केवल खाने के स्वाद बढ़ाती है बल्कि सेहत को भी कई तरह के फायदे पहुंचाती है। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल आ रहा होगा कि हरी या काली, कौन सी इलायची सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है। तो चलिए जानते हैं।
हरी इलायची के फायदे
हरी इलायची को इसके ठंडे गुणों और खुशबू के लिए जाना जाता है।
पाचन: यह पेट की गैस, एसिडिटी और सीने में जलन को कम करने में बहुत कारगर है।
वजन घटाना: यह मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है।
मानसिक सेहत: इसकी खुशबू तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है।
ओरल हेल्थ: यह माउथ फ्रेशनर का काम करती है और मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करती है।
काली इलायची के फायदे
काली इलायची की तासीर गर्म होती है और 'स्मोकी' स्वाद के लिए जानी जाती है।
श्वसन संबंधी समस्याएं: अस्थमा, सर्दी-खांसी और फेफड़ों की समस्याओं में यह हरी इलायची से कहीं अधिक शक्तिशाली है।
हृदय स्वास्थ्य: शोध बताते हैं कि काली इलायची 'मेटाबॉलिक सिंड्रोम' जैसे हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में हरी इलायची से अधिक प्रभावी हो सकती है।
लिवर और किडनी: यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करती है।
आपके लिए कौन सी बेस्ट है?
अगर आपको एसिडिटी, गर्मी या तनाव महसूस होता है, तो हरी इलायची आपके लिए बेस्ट है।
अगर आपको पुरानी खांसी, कफ या दिल की सेहत का ध्यान रखना है, तो काली इलायची ज्यादा फायदेमंद है।
वजन घटाने के लिए रात भर पानी में भिगोकर रखी हुई हरी इलायची का पानी सुबह पीना बहुत फायदेमंद माना जाता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)