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गर्मी का बढ़ता सितम बनेगा सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का कारण, स्वामी रामदेव ने बताए बचाव के तरीके

 Written By: Pankaj Kumar, Edited By: Vanshika Saxena
 Published : Mar 22, 2025 09:24 am IST,  Updated : Mar 22, 2025 09:24 am IST

गर्मी के प्रकोप और पानी की कमी की वजह से आपकी सेहत बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। आइए सेहत को बिगड़ने से बचाने के कुछ तरीकों के बारे में जानकारी हासिल करते हैं।

गर्मी के प्रकोप से कैसे बचें?- India TV Hindi
गर्मी के प्रकोप से कैसे बचें? Image Source : FREEPIK

दुनिया में अगर पानी न होता, तो क्या होता? क्या परिंदे तैर पाते, क्या पेड़-पौधे इतने हरे-भरे होते, क्या फसल उग पाती और सबसे बड़ी बात क्या हम जिंदा रह पाते और क्या शरीर में हार्ट, लिवर, किडनी, मसल्स फंक्शन कर पाते? पानी के बिना तो जीवन की कल्पना ही नहीं कर सकते क्योंकि इंसानी शरीर हो या फिर कुदरत में मौजूद तमाम लिविंग थिंग्स, जिंदा रहने के लिए पानी की जरूरत तो सबको है। अब ह्यूमन बॉडी को ही ले लीजिए, 37 ट्रिलियन सेल्स से बने इस शरीर का 67% हिस्सा लिक्विड है। मतलब 60% से 70% तक पानी भरा है। तभी तो पानी की प्योरिटी या क्वांटिटी में, किसी भी तरह का कॉम्प्रोमाइज सीधा बीमारियां देता है।

सच्चाई ये है कि शरीर को खाने से ज्यादा पानी की जरूरत है। डायजेशन से लेकर एनर्जी जेनरेशन तक, शरीर को पानी ही चाहिए। बॉडी को डिटॉक्स करना हो या फिर सर्कुलेटरी फंक्शन दुरुस्त रखना हो, पानी के बिना कुछ भी मुमकिन नहीं है। इसलिए शरीर में 1% पानी की कमी होते ही प्यास लगने लगती है, 5% पानी कम होने पर थकावट महसूस होती है, वॉटर लेवल 10% गिरते ही धुंधला दिखने लगता है और अगर शरीर में 20% तक पानी की कमी हो जाए तो मौत तक हो सकती है। अगर आपको सिरदर्द, कॉन्स्टिपेशन, मसल्स पेन, क्रैंप और थकावट महसूस हो रही हो तो सबसे पहले अपने वॉटर इंटेक को बढ़ाएं क्योंकि लंबे वक्त तक ये लक्षण बड़ी बीमारियां दे सकते हैं और अब बढ़ती गर्मी में तो इन लक्षणों पर गौर करने की और भी ज्यादा जरूरत है क्योंकि जरा सी लापरवाही बॉडी को डिहाइड्रेट कर सकती है। और फिर डिहाइड्रेशन से स्ट्रोक आ सकता है, यूरिन में इंफेक्शन किडनी फंक्शन बिगाड़ सकता है। इतना ही नहीं पानी कम पीने से शरीर में टॉक्सिंस जमा होते हैं जो मेटाबॉलिज्म बिगाड़कर वेट बढ़ा देते हैं। शरीर के लिए पानी इतना जरूरी है, इसके बावजूद बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें पता ही नहीं कि पानी कब पीना है, कितना पीना है? आज 'वर्ल्ड वॉटर डे' के मौके पर, योगगुरु से बॉडी वॉटर मैनेजमेंट के बारे में जानेंगे ताकि बीमारियां दूर रहें।

शरीर में पानी

ब्रेन - 75%

हार्ट - 79%
लिवर - 86%
स्किन - 64%
हड्डियां - 22%
मसल्स - 75%
ब्लड - 83%
फेफड़े - 80%
किडनी - 83%
जॉइंट्स - 83%

पानी की कमी, शरीर में बीमारी

मोटापा
हाइपरटेंशन
डायबिटीज
लिवर-किडनी प्रॉब्लम
प्रोस्टेट
न्यूरो प्रॉब्लम 

पानी की कमी, कैसे करें पूरी

एक दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं
नींबू पानी, शिकंजी पिएं
नारियल पानी पिएं
तरबूज-खरबूज खाएं
संतरा ज्यादा खाएं
दही-छाछ ज्यादा पिएं

शरीर के लिए पानी कितना जरूरी?

शरीर में 70% हिस्सा पानी
मेटाबॉलिज्म स्ट्रॉन्ग करता है
दिन में 3-4 लीटर पानी पिएं
पानी में खराबी से बीमारी को न्योता
पानी बिना जीवन की कल्पना नहीं

पानी पीने का तरीका

एक गिलास पानी से दिन शुरू करें
प्यास लगते ही पानी पिएं
एक साथ ज्यादा पानी न पिएं
घूंट-घूंट में पानी पिएं
पानी बैठकर ही पीना चाहिए
पानी की मात्रा मौसम-शरीर पर निर्भर
मेहनत ज्यादा तो पानी ज्यादा पिएं

वॉटर प्योर, बीमारी क्योर

हमेशा सादा पानी पिएं
ठंडा पानी पीने से बचें
बच्चों की प्यास का रखें ख्याल

पानी को स्टोर कैसे करें?

मटके का पानी सबसे अच्छा
स्टील-तांबे के बर्तन में पानी रखें
प्लास्टिक की बोतल के पानी से बचें
बर्तन 24 घंटे में जरूर साफ करें
पीने का पानी 24 घंटे में बदलें

पानी के साथ करें दिन की शुरुआत

सुबह उठकर खाली पेट पानी पिएं
1 से 2 गिलास पानी पीना अच्छा
सादा या गुनगुना पानी ही पिएं
गुनगुने पानी में नींबू-शहद फायदेमंद

खाने के दौरान, कितना पानी पिएं?

खाने के बीच 1-2 घूंट पानी पिएं
खाने के 45 मिनट बाद पानी पीना फायदेमंद

 

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