10 दिन में मिल जाएगा डिप्रेशन से छुटकारा, बस अपनाएं स्वामी रामदेव का बताया गया ये कंप्लीट सॉल्यूशन
10 दिन में मिल जाएगा डिप्रेशन से छुटकारा, बस अपनाएं स्वामी रामदेव का बताया गया ये कंप्लीट सॉल्यूशन
Written by: India TV Lifestyle Desk
Published : Aug 08, 2020 09:32 am IST,
Updated : Aug 08, 2020 10:09 am IST
एक सर्वे में साफ हुआ है कि कोरोना काल में 43 फीसदी भारतीय डिप्रेशन की गिरफ्त में आ चुके हैं। स्वामी रामदेव ने डिप्रेशन यानी कि अवसाद से छुटकारा पाने के लिए कुछ योगासन और प्राणायाम बताए हैं जिन्हें अपनाकर आप वापस जिंदगी में लौट सकते हैं।
Image Source : INDIA TV
10 दिन में मिल जाएगा डिप्रेशन से छुटकारा, बस अपनाएं स्वामी रामदेव का बताया गया ये कंप्लीट सोल्युशन
पिछले पांच महीनों से इस साल के खत्म होने का इंतजार हर कोई कर रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस साल ने वो सब कुछ दिखा दिया जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। कोरोना ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। कोरोना की वजह से कई लोगों की जान भी गई। हाल ही में हुए एक सर्वे में साफ हुआ है कि कोरोना काल में 43 फीसदी भारतीय डिप्रेशन की गिरफ्त में आ चुके हैं। वहीं डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दुनिया में हर तीन में से एक इंसान डिप्रेशन की चपेट में है। भारत में 5 करोड़ लोग इस समय डिप्रेशन से जूझ रहे हैं।
थोड़ा बहुत तनाव तो हर किसी के जीवन में होता है लेकिन जब ये कंट्रोल से बाहर हो जाए तो ये डिप्रेशन का रूप ले लेता है। कैसे पता चला कि आपका दिमाग आपकी सुन नहीं रहा। आप डिप्रेशन की तरफ जा रहे हैं। योग से कैसे दिमाग और विचारों पर पाया जाए नियंत्रण, योग और प्राणायाम में क्या है इसका पूरा सॉल्यूशन जानिए स्वामी रामदेव से। स्वामी रामदेव ने डिप्रेशन यानी कि अवसाद से छुटकारा पाने के लिए कुछ योगासन और प्राणायाम बताए हैं जिन्हें अपनाकर आप वापस जिंदगी में लौट सकते हैं।
डिप्रेशन के लक्षण
हमेशा उदास रहना
अकेले बैठने का मन करना
रोशनी से चिढ़ना, अंधेरे में बैठने का मन करना
जिन कामों को करने में आनंद आता था उनमें रुचि खत्म होना
मन शांत न रहना, हमेशा बेचैनी रहना
दिमाग कम चलना
जब आदमी के चेहरे की खुशी दूर होने लगे
गम होने पर आंखों में आंसू न आए
समझ में न आना क्या सही है क्या गलत
खुद को बेकार समझना यानि कि दूसरों की तुलना में खुद को कुछ नहीं समझना
फैसला लेने में दिक्कत आना
खुदकुशी का ख्याल बार-बार आना
सूर्य नमस्कार- रोजाना करें 25 सेट
एनर्जी लेवल बढ़ाने में मददगार
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
पाचन तंत्र बेहतर रहता है
शरीर में लचीलापन आता है
स्मरण शक्ति मजबूत होती है
वजन बढ़ाने के लिए कारगर
शरीर को डिटॉक्स करता है
त्वचा में निखार आता है
तनाव की समस्या दूर होती है
शीर्षासन
रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
कार्यक्षमता को बढ़ाकर एनेर्जेटिक बनाता है
दिमाग में ब्लड सर्कुलेट करता है
पिट्यूटरी और पीनियल ग्रंथियों का स्राव नियमित करता है
स्मरण शक्ति, एकाग्रता, उत्साह, स्फूर्ति, निडरता, आत्मविश्वास और धैर्य बढ़ाता है
सर्वांगासन
ब्रेन में एनर्जी का फ्लो बढ़ाता है
एजिंग को रोकने में सहायक
शारीरिक संतुलन ठीक रहता है
मर्कटासन
मानसिक शांति प्रदान देता है
पेट संबधी रोग दूर करता है
कमर की चर्बी को कम करता है
शरीर में स्फूर्ति और ताजगी आती है
भुजंगासन
मोटापा दूर करने में कारगर
कमर का निचला हिस्सा मजबूत बनाता है
शरीर को सुंदर और सुडौल बनाता है
रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है
मेटाबॉलिज्म सुधरता है
फेफड़ों और हार्ट की नसों के ब्लॉकेज खोलने में भी मदद मिलती है
ये प्राणायाम भी जरूरी कपालभाति
रोजाना सुबह शाम कपालभाति करने से हार्ट ब्लॉकेज की समस्या को दूर किया जा सकता है।
मन को शांत रखता है।
थायराइड की समस्या से निजात दिलाता है।
सिगरेट की लत से छुड़ाने में मददगार है कपालभाति।
जिन लोगों को सिगरेट पीने की लत हो जाती है तो उनके फेफड़े ब्लॉक हो जाते हैं। कपालभाति की मदद से फेफड़े की ब्लॉकेज को सही कर सकता है।
कपालभाति से क्रॉनिक लिवर, क्रॉनिक किडनी और फैटी लिवर की समस्या दूर होती है।
हैपेटाइटिस की समस्या को भी कपालभाति दूर करने में मददगार है।
अनुलोम विलोम
तनाव को कम करता है।
कफ से संबंधित समस्या को दूर करता है।
मन को शांत करता है जिससे एकाग्रता बढ़ती है।
दिल को स्वस्थ रखता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है।
भस्त्रिका
इस प्राणायाम को रोजाना करने से हाइपरटेंशन, अस्थमा, हार्ट संबंधी बीमारी, टीवी, ट्यूमर, बीपी, लिवर सिरोसिस, साइनस, किसी भी तरह की एनर्जी और फेफड़ों के लिए अच्छा माना जाता है।
भस्त्रिका करने से शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ जाता है। जिसके कारण कैंसर की कोशिकाएं मर जाती हैं।
उज्जयी
मन शांत रहता है, अस्थमा, टीबी, माइग्रेम, अनिद्रा आदि समस्याओं से दिलाएं निजात।
भ्रामरी
इस आसन को करने से तनाव से मुक्ति के साथ मन शांत रहेगा।
उद्गीथ
इस प्राणायाम को करने से पित्त रोग, धातु रोग, उच्च रक्तताप जैसे रोगो से निजात मिलता है।
शीतली
इस आसन को करने से मन शांत होगा, तनाव, हाइपरटेंशन के साथ-साथ एसिडिटी से निजात मिलेगा।
शीतकारी
इस आसन को करने से तनाव, हाइपरटेंशन से निजात मिलता है। इसके साथ ही अधिक मात्रा में ऑक्सीजन अंदर जाती है।