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जापानी इंसेफेलाइटिस: चीन के बाद अब जापान से आ रही है तबाही? मच्छर के काटने से फैलता है यह वायरस, जानें इसके लक्षण और बचाव

 Written By: Sushma Kumari @ISushmaPandey
 Published : Dec 07, 2022 09:05 am IST,  Updated : Dec 07, 2022 01:05 pm IST

जापानी इंसेफेलाइटिस संक्रमण सबसे घातक वायरल संक्रमणों में से एक है जो मच्छरों के काटने से फैलता है। इसके चपेट में आने के बाद मरीज के ब्रेन में सूजन हो सकती है, जिससे मौत तक हो सकती है।

जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस- India TV Hindi
जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस Image Source : FREEPIK

Japanese Encephalitis: चीन से निकले कोरोना वायरस का संक्रमण अभी तक पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ है कि इस बीच अब एक और डराने वाली खबर आई है। दरअसल, जापान के इंसेफेलाइटिस वायरस के मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी हैं। जापानी इंसेफेलाइटिस एक वायरल ब्रेन इंफेक्शन है जो पुणे में एक चार साल के बच्चे में पाया गया है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों से असम और मिजोरम में जापानी इंसेफेलाइटिस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस साल जुलाई से लेकर अब तक असम में संक्रमण के कुल 400 मामले सामने आ चुके हैं।

क्या है जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस?

जापानी इंसेफेलाइटिस संक्रमण सबसे घातक वायरल संक्रमणों में से एक है। इंसेफेलाइटिस वायरस या एलर्जी एक मच्छर जनित फ्लेवीवायरस है जो मच्छरों के काटने से फैलता है। इसके चपेट में आने के बाद मरीज के ब्रेन में सूजन हो सकती है, जिससे मौत का भी खतरा बना रहता है। यही वजह है कि इस वायरस के संक्रमण का खतरा सभी उम्र के लोगों को हो सकता है। हर साल इसके कुल 68,000 मामले सामने आते हैं।  यह वायरस मच्छरों में तब जाता है जब वे संक्रमित जानवरों को काटते हैं। 

जापान में आया था इंसेफेलाइटिस वायरस का पहला मामला

इंसेफेलाइटिस वायरस का पहला मामला साल 1871 में जापान में दर्ज किया गया था। इसलिए इसे जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस भी कहा जाता है। हालांकि इंसेफेलाइटिस वायरस का संक्रमण दर काफी कम हैं, लेकिन 30 प्रतिशत तक मृत्यु दर हो सकती है। 

जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण और इलाज

जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं और ज्यादातर मामलों में शुरुआत में इसका कोई लक्षण नजर नहीं आता है। अगर इसके आम लक्षणों की बात करें तो इससे संक्रमित मरीजों को बुखार, सिरदर्द, उल्टी, मानसिक स्थिति में बदलाव, न्यूरोलॉजिकल लक्षण, कमजोरी, मूवमेंट डिसऑर्डर जैसी समस्या नजर आ सकती है। जापानी इंसेफेलाइटिस का कोई इलाज नहीं है। संक्रमण के बाद इससे दिखने वाले लक्षण के आधार पर डॉक्टर इलाज करते हैं और ऑब्जर्वेशन में रखते हैं। जापानी इंसेफेलाइटिस से संक्रमित मरीज को डॉक्टर आराम करने के साथ-साथ तरल पदार्थ लेने की सलाह देते हैं। 

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