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सर्वाइकल कैंसर ही नहीं एचपीवी वायरस बन सकता है गले का कैंसर का कारण, जानिए मरीज में क्या लक्षण दिखते हैं

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Jun 19, 2026 01:04 pm IST,  Updated : Jun 19, 2026 01:04 pm IST

HPV Virus Can Cause Throat Cancer: सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार एचपीवी वायरस गले के कई तरह के कैंसर का भी कारण बन सकता है। ऐसे में आपको इस तेजी से फैलने वाले कैंसर के लक्षण और बचाव के बारे में जरूर जानना चाहिए।

एचपीवी से गले का कैंसर- India TV Hindi
एचपीवी से गले का कैंसर Image Source : INDIA TV

ह्यूमन पैपिलोमा वायरस यानि एचपीवी का नाम सुनते ही लोगों के मन में सर्वाइकल कैंसर का ख्याल आता है। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि ये वायरस गले के कुछ तरह के कैंसर का भी कारण बन सकता है। खासतौर से टॉन्सिल और जीभ के निचले हिस्से में होने वाले कैंसर जिसे ओरोफैरिंजियल कैंसर कहते हैं उसका मुख्य कारण ये वायरस हो सकता है। एचपीवी दुनिया में सबसे आम वायरल इंफेक्शन में से एक है। ज्यादातर मामलों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ही इस संक्रमण को खुद से खत्म कर देती है, लेकिन कुछ लोगों में एचपीवी वायरस लंबे समय तक बना रहता है और सालों बाद ये कैंसर का कारण बन सकता है। 

कई देशों में येएचपीवी अब ओरोफैरिंजियल कैंसर का बड़ा कारण बन चुका है। हैरान करने वाली बात ये है कि ये कैंसर ऐसे युवाओं को भी हो रहा है जो तंबाकू या शराब का सेवन तक नहीं करते हैं। वहीं भारत में भी एचपीवी से जुड़े गले के कैंसर के मामले काफी बढ़ रहे हैं।

ओरोफैरिंजियल कैंसर के लक्षण

डॉक्टर अक्षत मलिक (सीनियर कंसल्टेंट, हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी, अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली) ने बताया कि शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य लगते हैं यही वजह है कि लोग बीमारी को समझ नहीं पाते और नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आपके गले में लगातार खराश रहती है, कुछ भी निगलने में कठिनाई होती है, गर्दन में गांठ महसूस होती है, आवाज में बदलाव आने लगा और गले में कुछ फंसा होने जैसा महसूस होता है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। आपको डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। अच्छी बात ये है कि एचपीवी-पॉजिटिव ओरोफैरिंजियल कैंसर में मरीज इलाज को लेकर अच्छा रिस्पॉंस देते हैं। 

एचपीवी वैक्सीन है जरूरी

यहां एचपीवी वैक्सीन की भूमिका बहुत बढ़ जाती है। ये वैक्सीन उच्च जोखिम वाले एचपीवी से सुरक्षा प्रदान करता है जो ज्यादातर एचपीवी कैंसर के लिए जिम्मेदार होते हैं। ये वैक्सीन लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए जरूरी है। आप 9 से 14 साल के बीच ये वैक्सीन लगवा सकते हैं। इस उम्र के बच्चों को 6 से 12 महीनों में 2 खुराक दी जाती हैं। 14 साल के बाद या उससे ज्यादा उम्र के लोगों को 3 खुराक दी जाती हैं। इससे सिर्फ सर्वाइकल कैंसर नहीं बल्कि कई दूसरे कैंसर से भी बचाव होता है। 

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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