अगर, आपका ब्लड शुगर बढ़ा हुआ है तो इसे कंट्रोल करने के लिए अपनी लाइफ स्टाइल बेहतर करनी होगी। खाने से लेकर सोने और उठने का समय तय करें। साथ ही अपनी डाइट को अच्छी तरह से फॉलो करें, इससे बढ़ शुगर कंट्रोल होगा। खासतौर पर, रात में खाना खाकार लेट जाने से बेहतर है कि आधे घंटे की वॉक कर लें। इस एक्टिविटी को लेकर एक रिसर्च की गई। इस स्टडी में पाया गया है कि लंबे समय तक बैठे रहने की जगह अगर हर थोड़ी देर में ब्रेक लेकर चलेंगे तो इससे शरीर में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। हल्की सैर करने से शरीर की मांसपेशियां इस ग्लूकोज को अवशोषित करती हैं, जिससे ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। अगर आप आधा घंटा भी चलते हैं, तो इससे बॉडी एक्टिव रहती है और कोलेस्ट्रॉल या ब्लड शुगर के हाई लेवल जैसी समस्या से कम जूझते हैं।
क्या कहती है सर्वे?
लंबे समय तक बैठने के बजाय कम समय तक खड़े रहने से पोस्टप्रांडियल ग्लूकोज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह भी पाया गया कि खाना खाने के बाद हल्की वॉक करने से इंसुलिन के स्तर में भी सुधार होता है, जो डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए बहुत ज़रूरी है और इंसुलिन के प्रभाव को कम करती है। इस नयी हेल्थ रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर आप दिनभर में 10 ब्रेक भी लेते हैं, तो इससे आपके ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, इंसुलिन, ग्लूकोज पर पॉजिटिव असर पड़ता है।
वॉक करने के फायदे
रोजाना वॉक करने से सिर्फ डायबिटीज ही कंट्रोल नहीं होता है बल्कि हृदय को मजबूती मिलती है, वजन कंट्रोल होता है, हड्डियों व मांसपेशियों में मजबूती आती है, टहलने से पाचन तंत्र को भी मदद मिलती है, जिससे सूजन, कब्ज और गैस जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। खाना खाने के बाद टहलना मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे अधिक कैलोरी बर्न होती है और वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)