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दिमाग खाने वाले कीड़े से हुई 18 लोगों की मौत, तेजी से फैल रही अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस नाम की बीमारी के क्या हैं लक्षण?

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Sep 16, 2025 11:14 am IST,  Updated : Sep 16, 2025 11:14 am IST

Brain Eating Amoeba: केरल में अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस के 67 मामले सामने आए हैं। इसे दिमाग खाने वाला कीड़ा या इंफेक्शन के रूप में भी जाना जा रहा है। अभी तक इससे संक्रमण से 18 मौतें हो चुकी हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है।

Brain Eating Amoeba- India TV Hindi
Brain Eating Amoeba Image Source : FREEPIK

केरल में इन दिनों दिमाग की बामारी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस से लोगों में दहशत है। केरल राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक इस इंफेक्शन से 67 लोग प्रभावित हो चुके हैं, जिनमें से 18 लोगों की इस दुर्लभ मस्तिष्क बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। जिसे देखते हुए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) ने भी निगरानी बढ़ा दी है। दिल्ली एनसीआर के मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। जानिए क्या है ये दिमाग को खाने वाली ये बीमारी और उसका कीड़ा कैसे दिमाग पर करता है अटैक, संक्रमित व्यक्ति में क्या लक्षण दिखाई देते हैं।

क्या है अमीबिक मेनिंगोएनसेफेलाइटिस

एनसीडीसी के एक सीनियर अधिकारी की मानें तो इसे अमीबिक मेनिंगोएनसेफेलाइटिस (PAM) कहा जाता है। ये बीमारी "नेगलेरिया फाउलेरी" (Naegleria fowleri) नामक अमीबा की वजह से होती है। ये काफी खतरनाक बीमारी है जिसमें इलाज न मिलने पर 4 से 18 दिन के भीतर ही जान जा सकती है। इस बीमारी से संक्रमित व्यक्तियों में से 98 प्रतिशत लोगों को मौत हो सकती है। इसका डेथ रेट कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी से भी ज्यादा है। इसलिए समय पर एक्शन लेना बहुत जरूरी हो जाता है।

केरल में बढ़ रहे हैं मामले 

केरल के तिरुवनंतपुरम का एक 17 साल का लड़का भी इस घटना का शिकार हुआ है। बताया जा रहा है कि उसने अक्कुलम टूरिस्ट विलेज के स्विमिंग पूल में स्विमिंग की थी, जिसे अब पानी की टेस्टिंग तक के लिए बंद कर दिया गया है। 

क्या है अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस?

अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस, जिसे अक्सर "दिमाग खाने वाला अमीबा" संक्रमण कहा जाता है, नेग्लेरिया फाउलेरी के कारण होता है । यह अमीबा गर्म, स्थिर और खराब पानी में पनपता है और नाक के जरिए इंसान के शरीर में प्रवेश करता है। यह बीमारी बेहद दुर्लभ है, लेकिन बेहद घातक है। भारत में पहले भी इसके मामले सामने आते रहे हैं लेकिन इस बार काफी ज्यादा मामले बढ़े हैं। दुनिया भर में इसकी मृत्यु दर बहुत ज़्यादा है। इंसान के शरीर में अंदर जाने के बाद अमीबा मस्तिष्क तक पहुंच जाता है और गंभीर सूजन पैदा कर देता है।

दिमाग खाने वाले कीड़े के लक्षण (अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस के लक्षण)

डॉक्टर्स की मानें तो यह स्थिति बहुत तेज़ी से बढ़ती है, जिससे शुरुआती लक्षणोंकी पहचान कर पाना कई बार मुश्किल हो जाता है। लेकिन ये कुछ सामान्य चेतावनी संकेत दिखने पर अलर्ट होने की जरूरत है।

  • भयंकर सरदर्द
  • बुखार और मतली
  • गर्दन में अकड़न
  • भ्रम या भटकाव
  • सीजर्स यानि दौरे पड़ना

दिमाग खाने वाले कीड़े के संक्रमण से कैसे बचें

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने लोगों से स्थिर और अनट्रीटेड पानी में जाने, नहाने और तैरने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए दिखा है, "अमीबिक इंसेफेलाइटिस नामक बीमारी से बचाव के लिए क्या निवारक उपाय किए जाने चाहिए? कुछ बातें जो हमें पहले जाननी चाहिए।" अगर पानी में जा रहे हैं तो नाक क्लिप का उपयोग करें। पूल और कुओं में उचित क्लोरीनीकरण होना जरूरी है। घर में साफ पानी स्टोर करके रखें। बाढ़ के गंदे पानी में न जाएं। इससे खतरे को कम किया जा सकता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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