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सुबह उठते ही क्यों होती है जोड़ों में जकड़न और दर्द? कहीं इस बीमारी से पीड़ित तो नहीं आप, अभी जानें

 Written By: Ritu Raj
 Published : Apr 29, 2026 08:05 am IST,  Updated : Apr 29, 2026 08:05 am IST

आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ लोगों को सुबह उठने के बाद जोड़ों में जकड़न और दर्द होती है। ज्यादातर लोग इसे नॉर्मल समझकर नज़रअंदाज कर देते हैं। लेकिन ये सामान्य नहीं है। ये कुछ बीमारियों का संकेत हो सकता है। चलिए जानते हैं।

सुबह उठते ही क्यों होती है जोड़ों में जकड़न और दर्द? - India TV Hindi
सुबह उठते ही क्यों होती है जोड़ों में जकड़न और दर्द? Image Source : FREEPIK

सुबह की ताज़गी के बजाय अगर आपकी शुरुआत शरीर में भारीपन, हाथों की उंगलियों को मोड़ने में तकलीफ या घुटनों की जकड़न से होती है, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। मेडिकल की भाषा में इसे 'मॉर्निंग स्टिफनेस' कहा जाता है। इसे ज्यादातर लोग बढ़ती उम्र या महज़ शारीरिक थकान समझते हैं। लेकिन ये कोई आम समस्या नहीं है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि सुबह उठते ही जोड़ों में जकड़न और दर्द किस बीमारी का संकेत होता है। 

सुबह के दर्द और जकड़न के पीछे की वजह

जब हम सोते हैं, तो हमारा शरीर लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है। इस दौरान जोड़ों के बीच मौजूद सिनोवियल फ्लूइड, जो लुब्रिकेंट या 'ग्रीस' का काम करता है, गाढ़ा हो जाता है। स्वस्थ शरीर में हलचल शुरू होते ही यह वापस सामान्य हो जाता है, लेकिन अगर जोड़ों में सूजन हो, तो यह जकड़न घंटों बनी रहती है।

जकड़न के मुख्य कारण
कम तापमान: रात में तापमान गिरने से जोड़ों के टिश्यू थोड़े फैलते हैं, जिससे दबाव बढ़ता है।
गलत पोस्चर: गलत तरीके से सोने से मांसपेशियों में खिंचाव और जोड़ों पर तनाव बढ़ता है।
उम्र का बढ़ना: उम्र के साथ कार्टिलेज घिसने लगता है, जिससे हड्डियां आपस में रगड़ खाती हैं।

कहीं आप इन बीमारियों के शिकार तो नहीं?

1. रुमेटाइड अर्थराइटिस
यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम ही जोड़ों पर हमला कर देता है। इसमें जकड़न के साथ-साथ जोड़ों में सूजन और रेडनेस भी देखी जाती है। यह अक्सर हाथों और पैरों के छोटे जोड़ों से शुरू होता है।

2. ऑस्टियोआर्थराइटिस 
इसे 'वियर एंड टियर' अर्थराइटिस भी कहते हैं। यह आमतौर पर घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है। इसमें जकड़न आमतौर पर उठने के 15-20 मिनट के भीतर कम हो जाती है।

3. फाइब्रोमायल्गिया
अगर जकड़न के साथ पूरे शरीर में दर्द, थकान और नींद न आने की समस्या है, तो यह फाइब्रोमायल्गिया हो सकता है। इसमें मांसपेशियों के 'टेंडर पॉइंट्स' पर हल्का दबाव देने पर भी तेज दर्द होता है।

राहत पाने के प्रभावी उपाय
हल्की स्ट्रेचिंग
बिस्तर छोड़ने से पहले बेड पर ही उंगलियों और पैरों को धीरे-धीरे हिलाएं। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है।

गर्म सिकाई
गरम पानी से नहाना या हीटिंग पैड का इस्तेमाल मांसपेशियों को ढीला करता है।

एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट
हल्दी, अदरक, अखरोट, अलसी और विटामिन D से भरपूर भोजन सूजन कम करते हैं।

हाइड्रेशन
भरपूर पानी पिएं। शरीर में पानी की कमी जोड़ों के लुब्रिकेशन को प्रभावित करती है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है

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