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जानिए क्यों होती है बच्चेदानी में गांठ, यूट्रस में फायब्रॉइड्स होने पर शरीर में क्या लक्षण दिखते हैं और कैसे बचें

Symptoms Of Fibroids In Uterus: महिलाओं में होने वाली एक बड़ी समस्या है यूट्रस में गांठ हो जाना, जिसे सिस्ट कहते हैं। यूट्रस में फायब्रॉइड्स होने पर शरीर में कई लक्षण दिखाई देते हैं। आइये जानते हैं सिस्ट का खतरा किसे ज्यादा होता है और इससे कैसे बचें?

Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
Published : Jan 24, 2025 06:30 am IST, Updated : Jan 24, 2025 06:30 am IST
गर्भाशय में गांठ होने के लक्षण- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK गर्भाशय में गांठ होने के लक्षण

महिलाओं को यूट्रस में गांठ होने की समस्या सबसे ज्यादा परेशान करती है। औसतन बात करें तो हर 5 महिलाओं में से 1 को बच्चेदानी में गांठ हो सकती है। हालांकि ये गांठ कैंसरस हो इसकी संभावना बहुत कम होती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो 10 हजार में से किसी एक मामले में ही फायब्रॉयड कैंसर बनता है। दरअसल फायब्रॉइड्स गर्भाशय में बनने वाले ट्यूमर्स को कहते हैं। आम बोलचाल की भाषा में इसे गर्भाशय में रसौली कहा जाता है। हालांकि ये कितना खतरनाक है ये फायब्रॉइड्स के आकार और स्थिति के ऊपर निर्भर करता है। 

क्यों होती है गर्भाशय में गांठ या रसौली

सामान्यतौर पर 25 साल से 40 साल के बीच में महिलाओं को ये समस्या हो सकती है। खासतौर से उन महिलाओं में गांठ होने की संभावना ज्यादा होती है जिनमें एस्ट्रोजन अधिक होता है। फायब्रॉइड होने के कोई ठोस कारण पता नहीं है लेकिन वजन बढ़ने के कारण, हार्मोनल बदलाव के कारण और कई बार आनुवांशिक कारणों से भी ऐसा होने की संभावना बढ़ जाती हैं।

बच्चेदानी में गांठ होने के लक्षण 

  • पीरियड्स में ब्लीडिंग ज्यादा होना

  • पेट में नीचे और पीठ में तेज दर्द होना

  • बार-बार पेशाब जाना 

  • रिलेशन बनाते वक्त दर्द होना

  • पीरियड्स ज्यादा दिनों तक चलना

  • पेट में नीचे की ओर भारीपन रहना

  • कमजोरी महसूस होना

  • पेट में सूजन और कब्ज रहना 

  • एनीमिया और पैरों में दर्द होना

गर्भाशय फाइब्रॉइड का इलाज क्या है?

गर्भाशय फाइब्रॉइड के इलाज की बात करें तो ये इस बात पर निर्भर करता है कि आपके शरीर में कैसे लक्षण दिख रहे हैं। अगर गांठ होने पर कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं तो किसी सर्जरी की जरूरत नहीं है। आप लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके इसे मैनेज कर सकते हैं। हालांकि फिर भी आपको डॉक्टर से नियमित जांच करवाते रहना जरूरी है। अगर मीनोपॉज नजदीक है तो ये फाइब्रॉइड अपने आप सिकुड़ने लगते हैं। लेकिन अगर फाइब्रॉइड बड़े आकार का है तो इसके लिए दवाएं और लेजर सर्जरी की जरूरत हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान गांठ होने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसी स्थिति में कई बार सी सेक्शन से ही बच्चा होता है।

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