हर साल 6 जुलाई को दुनिया भर में विश्व ज़ूनोसिस दिवस (World Zoonoses Day) मनाया जाता है। यह दिन उन बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है जो जानवरों से मनुष्यों में फैलती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ज़्यादातर संक्रामक जानवरों से उत्पन्न होते हैं। ऐसे में चलिए हम आपको बताते हैं कि जानवरों से कौन सी बीमारियां फ़ैल सकती हैं और बचाव के उपाय क्या हैं?
ज़ूनोसिस क्या है?
ज़ूनोसिस (Zoonosis) उन संक्रामक रोगों को कहते हैं जो जानवरों से मनुष्यों में फैलते हैं। ये बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी, या फंगस हो सकते हैं। "ज़ूनोसिस" शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों से बना है: "ज़ून" (यानी जानवर) और "नोसोस" (यानी बीमारी)।
बीमारियाँ कैसे फैलती हैं?
संक्रमित जानवर के संपर्क में आने से। उदाहरण के लिए, संक्रमित कुत्ते के काटने से रेबीज। संक्रमित जानवरों की बूंदों या एयरोसोल (हवा में तैरते कण) के माध्यम से। जानवरों के संपर्क में आने के बाद बिना हाथ धोए अपनी आंख, नाक या मुंह को छूने से। ऐसी जगहों को छूना जहाँ संक्रमित जानवर रहते हैं या घूमते हैं, जैसे पिंजरे, चारागाह, मिट्टी, पानी। संक्रमित या अधपके मांस, अंडे, दूध, या दूषित उत्पादों का सेवन करने से। दूषित पानी पीने से। दूषित पानी के स्रोत (जैसे पोखर या नदियां) के संपर्क में आने या उसे पीने से।
कौन सी बीमारियों का होता है खतरा?
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रेबीज: यह एक वायरल बीमारी है जो संक्रमित जानवरों (विशेषकर कुत्तों, चमगादड़ों) के काटने से फैलती है और मस्तिष्क को प्रभावित करती है, अक्सर घातक होती है।
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इन्फ्लुएंजा: ये वायरस पक्षियों (बर्ड फ्लू) और सूअरों (स्वाइन फ्लू) से मनुष्यों में फैल सकते हैं, जिससे गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।
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इबोला: यह एक गंभीर और अक्सर घातक वायरल बीमारी है जो संक्रमित जानवरों (जैसे चमगादड़, प्राइमेट्स) से मनुष्यों में फैल सकती है।
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मंकीपॉक्स: यह एक वायरल बीमारी है जो संक्रमित जानवरों (जैसे रोडेंट्स, प्राइमेट्स) से मनुष्यों में फैल सकती है, जिससे बुखार, दाने और लिम्फ नोड्स में सूजन होती है।
रोकथाम और नियंत्रण:
ज़ूनोटिक बीमारियों को रोकने के लिए "वन हेल्थ" दृष्टिकोण बहुत महत्वपूर्ण है, जिसमें मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण स्वास्थ्य को एक साथ देखा जाता है। इसमें साफ-सफाई, टीकाकरण (जानवरों और मनुष्यों दोनों के लिए), पशु नियंत्रण, और स्वास्थ्य शिक्षा शामिल हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।