हिमाचल प्रदेश में यहां कांगड़ा जिले के नूरपूर में 160 फीट लंबा एक पुल सैलाब की भेट चढ़ गया। पुल महज दस सेकंड में भरभरा कर गिर गया लेकिन ग़नीमत ये रही कि इस पुल पर आवाजाही पहले ही रोक दी गई थी इसीलिए कोई हताहत नहीं हुआ।
भारी बारिश के बाद नदी के पानी में जब उफान आया तो पहले इस पुल का एक पिलर गिर कर पानी में बहा और फिर देखते ही देखते पुल के छह और पिलर भरभरा कर गिर गए। ये पुल इंदौरा मार्ग पर 1972 में बना था। लेकिन दस सेकंड पहले जहां ये पुल लहरों से लोहा ले रहा ता वहीं दस सेकंड बाद लहरों के आगे घुटने टेक दिए। पुल का आधा हिस्सा टूट कर नदी में ऐसा समाया कि बीच में एक बड़ी खाई नज़र आने लगी..
ये तो गनीमत थी कि 44 साल पुराने इस पुल की हालत और नदी के उफान को देखते हुए प्रशासन ने एक दिन पहले ही इसे गाड़ियों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया था। हालांकि मुसीबत अभी भी कम नहीं हुई है क्योंकि नूरपुर तहसील के कंदरोड़ी गांव के पास बने इस पुल के टूटने के कारण अब हिमाचल से पंजाब जाने वालों के लिए रास्ता 70 किलोमीटर लंबा हो गया है।
पूरे प्रदेश में बारिश का कहर
नूरपुर ही नहीं बल्कि हिमाचल के हमीरपुर में भी बारिश आफत बन कर बरस रही है... बरसात का पानी नदी-नालों में इस कदर भर चुका है कि कई जगह लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मदद से करीब चालीस लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जिसमें पंद्रह स्कूली बच्चे भी शामिल थे...
पूरे हिमाचल में लगातार हो रही बरसात ने लोगों की मुसीबत बढ़ा रखी है। हिमाचल का सबसे प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट शिमला भी भारी बारिश की चपेट में है। पिछले चौबिस घंटे में शिमला में करीब चालीस मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है.. सड़कों पर कई जगह पहाड़ों से उतरता पानी झील की शक्ल ले चुका है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चौबिस घंटे हिमाचल पर अभी और भारी है....
शिमला का मशहूर रिज व्यू भी कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है.. मौसम को देखते हुए फिलहाल यहां सैलानियों का आना भी कम गया है।