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सऊदी की जेल में 19 महीने सजा काटकर लौटा व्यक्ति, CAA को लेकर फर्जी पोस्ट का ऐसे हुआ खुलासा

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि बंगेरा का इस खाते से कोई लेना-देना नहीं है। फर्जी खाता बनाने के दोनों आरोपियों को पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार कर लिया गया। उडुपी पुलिस ने इस मामले की जानकारी सऊदी अरब की सरकार के साथ साझा की, जिसके बाद बंगेरा की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: August 21, 2021 9:48 IST
झूठे आरोपों के कारण 19 महीने सऊदी जेल में काटने के बाद कर्नाटक के उडुपी जिले के हरीश बंगेरा वापस स्व- India TV Hindi
Image Source : ANI झूठे आरोपों के कारण 19 महीने सऊदी जेल में काटने के बाद कर्नाटक के उडुपी जिले के हरीश बंगेरा वापस स्वदेश लौट आए हैं।

मंगलुरू। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और मक्का की पवित्र भूमि के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के झूठे आरोपों के कारण 19 महीने सऊदी जेल में काटने के बाद कर्नाटक के उडुपी जिले के हरीश बंगेरा उडुपी पुलिस और केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे समेत विभिन्न लोगों के प्रयासों की बदौलत आखिरकार घर लौट आए। कुछ बदमाशों ने बंगेरा के नाम से सोशल मीडिया पर फर्जी खाता बनाकर आपत्तिजनक पोस्ट डाली थीं। इसके बाद उडुपी जिले में कोटेश्वर के रहने वाले बंगेरा को फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामले में दिसंबर 2019 में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 17 अगस्त को सऊदी की जेल से रिहा किया गया और वह बुधवार को अपने घर लौटे। 

बता दें कि, बंगेरा सऊदी अरब में एयर-कंडीशनर तकनीशियन के रूप में काम करते थे। उन्होंने भारत सरकार के संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के समर्थन में एक पोस्ट साझा की थी, जिससे उनका नियोक्ता नाराज हो गया था। उन्होंने बाद में पोस्ट साझा करने के लिए माफी मांगी थी और अपना अकाउंट बंद कर दिया था। इस बीच, सीएए के समर्थन में डाली गई पोस्ट से नाराज दक्षिण कन्नड़ जिले के दो मुसलमान भाइयों ने बंगेरा के नाम से फेसबुक पर एक फर्जी खाता खोला और इस पर आपत्तिजनक पोस्ट डाली। सऊदी पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बंगेरा को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उनकी पत्नी सुमन ने यहां पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। सुमन ने शिकायत में कहा कि उनके पति किसी षड्यंत्र का शिकार हुए हैं और उनके नाम से फर्जी खाता खोला गया है। 

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि बंगेरा का इस खाते से कोई लेना-देना नहीं है। फर्जी खाता बनाने के दोनों आरोपियों को पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार कर लिया गया। उडुपी पुलिस ने इस मामले की जानकारी सऊदी अरब की सरकार के साथ साझा की, जिसके बाद बंगेरा की रिहाई का रास्ता साफ हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता रवींद्रनाथ शानभाग, पूर्व मंत्री के जयप्रकाश हेगड़े, विधायक एच श्रीनिवास शेट्टी और पुलिस अधिकारियों सहित कई लोगों ने बंगेरा की रिहाई के लिए प्रयास किए। 

उडुपी पुलिस के प्रयासों और बाद में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे तथा कई अन्य नेताओं के हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप बंगेरा को 17 अगस्त को सऊदी की जेल से रिहा कर दिया गया। बंगेरा जब बुधवार सुबह सऊदी अरब से यहां पहुंचे, तब उनके मित्र भी बेंगलुरु हवाईअड्डे पर मौजूद थे। उडुपी जिले के पुलिस अधीक्षक विष्णुवर्धन ने बंगेरा की रिहाई पर खुशी व्यक्त की और कहा कि फर्जी खाता बनाने के मामले में दो लोगों के खिलाफ मामला निचली अदालत में लंबित है।

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