दिवंगत अदाकारा नरगिस को आज भी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे खूबसूरत अदाकारों में गिना जाता है। अपने फिल्मी करियर में उन्होंने कई हिट फिल्में दीं। शोमैन राज कपूर के साथ उनकी जोड़ी अब तक की सबसे बड़ी हिट थी। स्क्रीन पर उनकी केमिस्ट्री इतनी जबरदस्त थी कि इसका असर स्क्रीन के पीछे भी नजर आता था। ये फिल्मी कपल असल में भी प्यार में पड़ गया और लंबे समय तक डेट किया। 40 के दशक में नरगिस की जोड़ी राज कपूर के साथ बनी, लेकिन 60 के दशक तक इस खूबसूरत जोड़ी ने रिश्ता तोड़ दिया। एक साथ 16 फिल्में देने वाले ये एक्टर दोबारा एक-दूसरे के साथ काम करते नजर नहीं आए, लेकिन इनके बीच आखिर ऐसा क्या हुआ?
कोलकाता में फातिमा राशिद के नाम से जन्मीं नरगिस बचपन में ही अभिनय की दुनिया से जुड़ गईं और यहीं से उन्हें अपना स्क्रीन नाम भी मिला। जब नरगिस 16 साल की थीं, तब उनकी मुलाकात राज कपूर से हुई। ये दोनों पहली बार फिल्म 'आग' में साथ नजर आए थे और ये फिल्म काफी सफल रही थी। फिर राज कपूर और नरगिस की जोड़ी पर्दे पर हिट हो गई और फिर वह आरके स्टूडियो की कई यादगार हिट फिल्मों में नजर आईं। दोनों ने साथ में 'अंदाज', 'आवारा', 'बरसात', 'आग', 'आह' और 'श्री 420' सहित कई हिट फिल्में दीं। कपूर और नरगिस ने 1956 तक साथ काम किया, लेकिन यही वह दौर था जब इस खूबसूरत जोड़ी के रिश्ते में खटास आ गई।
राज कपूर और नरगिस का रिश्ता करीब 9 साल तक चला। एक्ट्रेस स्टार एक्टर को डेट करने के बाद घर बसाना चाहती थीं, लेकिन राज कपूर की पहले से ही पत्नी और बच्चे थे। एक समय ऐसा भी आया जब नरगिस का धैर्य जवाब दे गया। एक्ट्रेस को यह भी लगने लगा था कि अब उन्हें राज कपूर की फिल्मों में पहले जैसी अहमियत नहीं मिल रही है। फिल्म 'श्री 420' में नरगिस लीड हीरोइन थीं, उन्हें नॉन-ग्लैमरस रोल दिया गया था। हालांकि, नादिरी के रूप में उनकी भूमिका ने सारी सुर्खियां बटोर लीं।
साल 1956 में नरगिस और राज कपूर की फिल्म चोरी-चोरी रिलीज हुई थी। ये रोमांटिक कॉमेडी फिल्म सुपरहिट रही थी। फिल्म ने शानदार बिजनेस किया लेकिन ये आखिरी बार था जब नरगिस और राज कपूर एक साथ मुख्य भूमिका में नजर आए थे। कुछ दिनों बाद नरगिस राज कपूर के साथ फिल्म 'जागते रहो' में पर्दे पर नजर आईं, लेकिन सिर्फ कुछ समय के लिए। ये फिल्म ज्यादा सफलता हासिल नहीं कर पाई। 'जागते रहो' का निर्माण राज कपूर ने किया और निर्देशन शंभू मित्रा ने किया था।
बाद में साल 1957 में सुनील दत्त ने 'मदर इंडिया' के सेट पर आग लगने से नरगिस की जान बचाई। यह फिल्म अब तक की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक साबित हुई और अभिनेताओं को प्यार हो गया। 11 मार्च 1958 को नरगिस ने दत्त से शादी कर ली। अपनी शादी से पहले 'मदर इंडिया' अभिनेता ने हिंदू धर्म अपना लिया और अपना नाम निर्मला दत्त रख लिया। इस जोड़े को तीन बच्चे, संजय दत्त, नम्रता दत्त और प्रिया दत्त हुए। दुर्भाग्यवश, 3 मई 1981 को पैंक्रियाटिक कैंसर (अग्नाशय कैंसर) के कारण नरगिस का निधन हो गया
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