जयपुर: अजमेर ब्लास्ट केस में जयपुर की एनआईए कोर्ट ने स्वामी असीमानंद को बरी कर दिया है। वहीं तीन अन्य आरोपी सुनील जोशी, भावेश पटेल और देवेंद्र गुप्ता को दोषी ठहराया है। इन आरोपियों में से एक सुनील जोशी की मौत हो चुकी है। कोर्ट ने 9 आरोपियों में से स्वामी असीमानंद समेत 6 आरोपियों को बरी कर दिया है। एनआईए कोर्ट इस मामले में सजा का ऐलान 16 मार्च को करेगी।
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11 अक्टूबर 2007 को अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह परिसर में हुए ब्लास्ट में तीन लोगों की मौत हुई थी जबकि 15 जायरीन घायल हो गए थे। पुलिस को तलाशी में एक लावारिस बैग मिला थे जिसमें टाइमर लगा हुआ जिंदा बम भी मिला।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में विस्फोट के पीछे इस्लामिक आतंकवादी संगठनों का हाथ बताया था, लेकिन बाद में असीमानंद के कबूलनामे से हिंदूवादी संगठन जांच के घेरे में आ गए।
इसी वर्ष जनवरी के पहले सप्ताह में मामले पर सुनवाई पूरी हुई। मामले की सुनवाई के दौरान कुल 149 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और 451 दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश किए गए। अदालत मामले पर फैसले 25 फरवरी को ही सुनाने वाली थी, लेकिन बाद में इसे आठ मार्च तक टाल दिया गया था।