मुंबई: समाजसेवी अन्ना हजारे ने लोकपाल कानून की मांग को लेकर किए जा रहे अपने अनशन को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। बता दें कि अनशन खत्म करने के अन्ना के ऐलान से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने उनसे मुलाकात की थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद अन्ना हजारे ने अपना अनशन तोड़ दिया।
Related Stories
गौरतलब है कि अन्ना हजारे की मांग है कि केंद्र में लोकपाल और महाराष्ट्र में लोकायुक्त तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। अपनी इसी मांग को लेकर अन्ना हजारे पिछले 7 दिनों से अनशन पर बैठे थे। इस दौरान उन्होंने ये साफ कहा था कि अगर अनशन के दौरान उन्हें कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार पीएम मोदी होंगे।
7 दिनों से चले आ रहे अन्ना के अनशन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने उनसे करीब 6 घंटे तक मिलकर बातचीत की। दोनों नेताओं से मुलाकात के बाद अन्ना हजारे ने कहा कि ‘मेरी मांगे पूरी होने के कारण मैं अपना अनशन छोड़ रहा हूं।’ उन्होंने कहा कि ‘लोकपाल कानून देश को दिशा देने वाला कानून होगा।’
वहीं, सीएम फडणवीस ने कहा कि अन्ना हजारे की मांगों पर सराकात्मक तरीके से विचार किया जाएगा। लोकायुक्त कानून से देश को नया रास्ता मिलेगा। इससे छोटे इलाके में भ्रष्ट्राचार रुकेगा। सीएम फडणवीस ने ये भी कहा कि 'हमने तय किया है कि लोकपाल सर्च कमेटी 13 फरवरी को बैठक करेगी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा। एक ज्वॉइंट कमेटी का गठन किया गया है, यह एक बिल तैयार करेगी और इसे अगले सत्र में लाया जाएगा।